जयपुर

राजस्थान में 44 प्रतिशत मतदाता युवा, गांव-शहर की सरकार तय करेगी Gen-Z; 2.40 करोड़ वोटर 18-35 साल के

राजस्थान में 'एक राज्य-एक चुनाव' की चर्चा के बीच 44 प्रतिशत युवा (18-35 वर्ष) मतदाता निर्णायक भूमिका में हैं। पत्रिका की पड़ताल के अनुसार, गांवों में युवा मतदाताओं का दबदबा है, जबकि शहरों में 36-50 वर्ष का वर्ग अधिक है। जेन-जी को जाति-भेद से परे बेहतर शिक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य सुविधाएं और मजबूत स्थानीय निकाय चाहिए।
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Aug 15, 2026
rajasthan 44 percent voters young
राजस्थान में 44 प्रतिशत मतदाता युवा (फोटो पत्रिका नेटवर्क)

-शैलेंद्र अग्रवाल

जयपुर: राजस्थान में 'एक राज्य-एक चुनाव' का नारा चर्चा में है, लेकिन सबके सामने सबसे बड़ी चुनौती है जेन-जी। प्रदेश के 5 करोड़ 45 लाख 89 हजार मतदाताओं में से 2.40 करोड़ से ज्यादा यानी 44 फीसदी 18 से 35 साल उम्र के हैं। मतलब लगभन हर दूसरा मतदाता 35 साल से कम उम्र का है, जो तय करेगा कि गांव की सरकार किसकी चौपाल पर बैठेगी और कौन करेगा शहर के विकास का फैसला। उधर, राजनीतिक दलों के लिए बड़ा मुद्दा यह है कि जिसने दिल्ली को हिला दिया, उसे किस मुद्दे और किस भाषा में साधा जाए।

मोबाइल रिंग टोन संग बढ़ रही इस पीढ़ी पर न जाति का रंग चढ़ा है और न गांव-शहर का भेद हावी है। जेन-जी मतदाताओं की स्थिति सामने लाने के लिए राजस्थान पत्रिका ने राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से तैयार पंचायती राज संस्थाओं और शहरी स्थानीय निकायों की मतदाता सूचियों की पड़ताल की।

दक्षिण में बांसवाड़ा, पश्चिम में बाड़मेर-फलोदी अथवा आजादी के बाद बने प्रदेश के पहले नए जिले पूर्व के धौलपुर में जेन-जी ग्रामीण मतदाता सबसे अधिक हैं। धौलपुर प्रदेश का इकलौता जिला है, जहां ग्रामीण और शहरी दोनों सूचियों में 35 वर्ष से कम उम्र के मतदाता शीर्ष पर हैं। बांसवाड़ा पंचायत चुनाव में युवा भागीदारी 49.56% के साथ प्रदेश में शीर्ष पांच जिलों में शामिल है। इसके विपरीत शहरी निकायों में आंकड़ा महज 36.54% है, जो उदयपुर (35.39%) के बाद नीचे से दूसरे स्थान पर है।

शहर में मंझोली उम्र हावी, गांव में युवा

आंकड़े बताते हैं कि 36 से 50 साल के 'मंझोली उम्र' के मतदाता शहरों में गांवों से कहीं ज्यादा हैं। यूएलबी में इनकी भागीदारी 28.99 फीसदी है, जबकि पीआरआई में सिर्फ 24.17 फीसदी। यानी नौकरीपेशा व कारोबार से जुड़ा तबका ज्यादातर शहरों में है, जबकि गांवों में युवा मतदाता ज्यादा हैं। वहीं, 60 साल से ऊपर वाले बुजुर्ग मतदाताओं का अनुपात गांव (17.62%) और शहर (17.01%) में लगभग बराबर है।

गांव की चौपाल में सबसे ज्यादा जोश

आंकड़ों के विश्लेषण से यह भी पता चलता है कि युवा मतदाता शहरों से ज्यादा गावों में हैं। यानी राजस्थान के गांवों में शहरों से कहीं ज्यादा जेन-जी हैं। ग्रामीण एरिया में 18 से 35 साल के मतदाता 45.59 प्रतिशत, जबकि शहरी क्षेत्रों में 18 से 35 साल के मतदाता 40.06 प्रतिशत हैं।

जेन-जी को चाहिए…

  • पंचायती राज संस्थाओं व शहरी निकायों को 73वें एवं 74वें संविधान संशोधन के अनुसार मजबूत करें।
  • शिक्षा, चिकित्सा, पानी सहित अन्य बुनियादी सुविधाओं का जिम्मा इन संस्थाओं को सौंपे।
  • बजट में इन संस्थाओं की आवश्यकताओं को शामिल करें।
  • हर गांव-शहर के विकास का मास्टर डेवलपमेंट प्लान बने।
  • उद्योगों को मजबूती मिले, ताकि रोजगार के लिए शहर न छूटे।

ग्रामीण क्षेत्र: ग्रामीण Gen-Z मतदाताओं का प्रतिशत

क्रमजिलाGen-Z मतदाता
1धौलपुर52.44%
2बाड़मेर50.63%
3डीग49.57%
4बांसवाड़ा49.56%
5जैसलमेर49.51%

निकाय क्षेत्र: शहरी Gen-Z मतदाताओं का प्रतिशत

क्रमजिलाGen-Z मतदाता
1धौलपुर47.64%
2डीग44.81%
3डीग-कुम्हेर44.68%
4करौली43.94%
5कोटा-बहरोड़43.89%

यहां युवा कम, अधेड़ व बुजुर्ग ज्यादा

क्रमजिलाGen-Z मतदाता
1पाली40.95%
2भीलवाड़ा41.60%
3झुंझुनूं42.34%
4श्रीगंगानगर42.74%
5हनुमानगढ़43.17%
6उदयपुर35.40%
7बांसवाड़ा36.54%
8डूंगरपुर37.26%
9सलूंबर37.63%
10प्रतापगढ़37.72%

युवाओं को मौका मिले

पंचायत और निकाय चुनाव का योग्यता होनी चाहिए। पढ़े-लिखे प्रतिनिधि आएंगे तो समाज की आवश्यकताओं को अच्छी तरह से समझेंगे और काम भी अच्छा होगा।
-गुलजान खानम, सरपंच, गगवाना, अजमेर

अब युवा पीढ़ी की बात

स्कूलों में शिक्षक नहीं हैं, नशा बढ़ रहा है। गांवों में सफाई नहीं है। उम्मीद है पंचायत-निकाय चुनाव में युवा पीढ़ी से जुड़े इन मुद्दों पर बात होगी।
-डॉ. भुवनेश जैन, सेवानिवृत्त निदेशक, मेरा युवा भारत अभियान

Updated on:
15 Aug 2026 08:40 am
Published on:
15 Aug 2026 08:40 am