
-शैलेंद्र अग्रवाल
जयपुर: राजस्थान में 'एक राज्य-एक चुनाव' का नारा चर्चा में है, लेकिन सबके सामने सबसे बड़ी चुनौती है जेन-जी। प्रदेश के 5 करोड़ 45 लाख 89 हजार मतदाताओं में से 2.40 करोड़ से ज्यादा यानी 44 फीसदी 18 से 35 साल उम्र के हैं। मतलब लगभन हर दूसरा मतदाता 35 साल से कम उम्र का है, जो तय करेगा कि गांव की सरकार किसकी चौपाल पर बैठेगी और कौन करेगा शहर के विकास का फैसला। उधर, राजनीतिक दलों के लिए बड़ा मुद्दा यह है कि जिसने दिल्ली को हिला दिया, उसे किस मुद्दे और किस भाषा में साधा जाए।
मोबाइल रिंग टोन संग बढ़ रही इस पीढ़ी पर न जाति का रंग चढ़ा है और न गांव-शहर का भेद हावी है। जेन-जी मतदाताओं की स्थिति सामने लाने के लिए राजस्थान पत्रिका ने राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से तैयार पंचायती राज संस्थाओं और शहरी स्थानीय निकायों की मतदाता सूचियों की पड़ताल की।
दक्षिण में बांसवाड़ा, पश्चिम में बाड़मेर-फलोदी अथवा आजादी के बाद बने प्रदेश के पहले नए जिले पूर्व के धौलपुर में जेन-जी ग्रामीण मतदाता सबसे अधिक हैं। धौलपुर प्रदेश का इकलौता जिला है, जहां ग्रामीण और शहरी दोनों सूचियों में 35 वर्ष से कम उम्र के मतदाता शीर्ष पर हैं। बांसवाड़ा पंचायत चुनाव में युवा भागीदारी 49.56% के साथ प्रदेश में शीर्ष पांच जिलों में शामिल है। इसके विपरीत शहरी निकायों में आंकड़ा महज 36.54% है, जो उदयपुर (35.39%) के बाद नीचे से दूसरे स्थान पर है।
आंकड़े बताते हैं कि 36 से 50 साल के 'मंझोली उम्र' के मतदाता शहरों में गांवों से कहीं ज्यादा हैं। यूएलबी में इनकी भागीदारी 28.99 फीसदी है, जबकि पीआरआई में सिर्फ 24.17 फीसदी। यानी नौकरीपेशा व कारोबार से जुड़ा तबका ज्यादातर शहरों में है, जबकि गांवों में युवा मतदाता ज्यादा हैं। वहीं, 60 साल से ऊपर वाले बुजुर्ग मतदाताओं का अनुपात गांव (17.62%) और शहर (17.01%) में लगभग बराबर है।
आंकड़ों के विश्लेषण से यह भी पता चलता है कि युवा मतदाता शहरों से ज्यादा गावों में हैं। यानी राजस्थान के गांवों में शहरों से कहीं ज्यादा जेन-जी हैं। ग्रामीण एरिया में 18 से 35 साल के मतदाता 45.59 प्रतिशत, जबकि शहरी क्षेत्रों में 18 से 35 साल के मतदाता 40.06 प्रतिशत हैं।
| क्रम | जिला | Gen-Z मतदाता |
|---|---|---|
| 1 | धौलपुर | 52.44% |
| 2 | बाड़मेर | 50.63% |
| 3 | डीग | 49.57% |
| 4 | बांसवाड़ा | 49.56% |
| 5 | जैसलमेर | 49.51% |
| क्रम | जिला | Gen-Z मतदाता |
|---|---|---|
| 1 | धौलपुर | 47.64% |
| 2 | डीग | 44.81% |
| 3 | डीग-कुम्हेर | 44.68% |
| 4 | करौली | 43.94% |
| 5 | कोटा-बहरोड़ | 43.89% |
| क्रम | जिला | Gen-Z मतदाता |
|---|---|---|
| 1 | पाली | 40.95% |
| 2 | भीलवाड़ा | 41.60% |
| 3 | झुंझुनूं | 42.34% |
| 4 | श्रीगंगानगर | 42.74% |
| 5 | हनुमानगढ़ | 43.17% |
| 6 | उदयपुर | 35.40% |
| 7 | बांसवाड़ा | 36.54% |
| 8 | डूंगरपुर | 37.26% |
| 9 | सलूंबर | 37.63% |
| 10 | प्रतापगढ़ | 37.72% |
पंचायत और निकाय चुनाव का योग्यता होनी चाहिए। पढ़े-लिखे प्रतिनिधि आएंगे तो समाज की आवश्यकताओं को अच्छी तरह से समझेंगे और काम भी अच्छा होगा।
-गुलजान खानम, सरपंच, गगवाना, अजमेर
स्कूलों में शिक्षक नहीं हैं, नशा बढ़ रहा है। गांवों में सफाई नहीं है। उम्मीद है पंचायत-निकाय चुनाव में युवा पीढ़ी से जुड़े इन मुद्दों पर बात होगी।
-डॉ. भुवनेश जैन, सेवानिवृत्त निदेशक, मेरा युवा भारत अभियान