जयपुर

Rajasthan New Districts : राजस्थान में 8 नए जिलों में बड़ा बदलाव, RAS एसोसिएशन ने मंत्री किरोड़ीलाल मीणा को लिखा पत्र

Rajasthan New Districts : राजस्थान में आठ नव-गठित जिलों में ज़िला परिषद CEO का पद ग्रामीण विकास सेवा के अधिकारियों को देने का आदेश जारी किया है। RAS एसोसिएशन ने इस आदेश पर एतराज जताया। साथ ही मंत्री डॉ. किरोड़ीलाल मीणा को पत्र लिखकर आदेश तत्काल वापस लेने की मांग की है।

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ग्रामीण विकास विभाग के मंत्री डॉ. किरोड़ीलाल मीणा। फाइल फोटो पत्रिका

Rajasthan New Districts : राजस्थान में आठ नव-गठित जिलों के लिए एक नया आदेश आया है। इस आदेश में प्रदेश के नव-गठित जिलों में जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) के पद पर ग्रामीण विकास सेवा (RDS) के अधिकारियों को नियुक्त करने आदेश जारी किया है। जिसके बाद RAS परिषद ने इस आदेश के विरोध में ग्रामीण विकास विभाग के मंत्री डॉ. किरोड़ीलाल मीणा को पत्र लिखकर उनसे अनुरोध किया है कि इस नए आदेश को तत्काल वापस लिया जाए। RAS परिषद ने दावा किया कि यह परंपरागत रूप से आरएएस का पद रहा है।

आरएएस एसोसिएशन ने जताया विरोध, मंत्री को लिखा पत्र

हाल ही ग्रामीण विकास विभाग ने राजस्थान में 8 नए ज़िलों के लिए ज़िला परिषद सीईओ समेत 88 पद सृजित किए हैं। इनमें सभी 8 सीईओ के पद आरडीएस सेवा के अफसरों के लिए रखने की व्यवस्था की है। आरएएस एसोसिएशन ने इस पर विरोध जताते हुए ग्रामीण विकास मंत्री डॉ. किरोड़ीलाल मीणा को पत्र लिख कर कहा कि प्रदेश गठन के समय से ही जिला मुख्यालयों पर जिला कलेक्टर के बाद सबसे महत्वपूर्ण प्रशासनिक पद जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी का रहा है। इस पद को प्रशासनिक और न्यायिक शक्तियों के साथ राजस्थान प्रशासनिक सेवा के तहत सृजित किया जाता रहा है।

कार्मिक विभाग की नहीं ली गई सहमति

आरएएस एसोसिएशन ने पत्र में कहा कि वर्तमान में 33 जिलों में सीईओ के कुल 33 पद हैं, जिनमें से 25 पद आईएएस और 8 पद आरएएस के तहत स्वीकृत हैं। इन पदों का प्रशासनिक नियंत्रण कार्मिक विभाग के पास है। आरएएस एसोसिएशन ने कहा कि नए जिलों में सीईओ पद ग्रामीण विकास राज्य सेवा के तहत सृजित करते समय न तो कार्मिक विभाग की सहमति ली गई और न ही पंचायत राज विभाग स्तर पर आवश्यक प्रक्रिया अपनाई गई।

कुल 88 पद किए थे मंजूर

ग्रामीण विकास विभाग ने हाल ही में जारी आदेश में आठ नई ज़िला परिषद में पद सृजित किए थे। इनमें डीग, बालोतरा, खैरथल-तिजारा, सलूम्बर, फलौदी, कोटपूतली-बहरोड़, ब्यावर और डीडवाना-कुचामन के ज़िले शामिल हैं। इन पदों में ज़िला परिषद सीईओ के एक पद के साथ ही अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी, परियोजना अधिकारी (लेखा), सहायक लेखाधिकारी-सैकण्ड ग्रेड, सहायक सांख्यिकी अधिकारी, स्टेनो, सूचना सहायक और वरिष्ठ सहायक का एक-एक पद शामिल है। साथ ही कनिष्ठ सहायक के 24 पद भी मंजूर किए थे।

राजस्थान के 8 नए जिले

डीग
बालोतरा
खैरथल-तिजारा
सलूम्बर
फलौदी
कोटपूतली-बहरोड़
ब्यावर
डीडवाना-कुचामन

कैडर संरचना पर पड़ेगा प्रतिकूल असर

आरएएस एसोसिएशन ने कहा कि नए जिलों में सीईओ पद को राजस्थान ग्रामीण विकास राज्य सेवा के तहत सृजित करने से राजस्थान प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों के पदोन्नति अवसर सीमित होंगे। साथ ही कैडर संरचना पर प्रतिकूल असर पड़ेगा।

आदेश संख्या 1953 को निरस्त करने की मांग

पत्र में यह भी कहा गया है कि पिछले कुछ वर्षों में विभिन्न विभागों में राजस्थान प्रशासनिक सेवा के पदों के स्थान पर विभागीय अधिकारियों के पद सृजित किए जाने से आरएएस अधिकारियों में विरोध बढ़ा है। एसोसिएशन ने ग्रामीण विकास विभाग के आदेश संख्या 1953 को निरस्त करते हुए नए जिलों में भी जिला परिषद सीईओ के पद पहले की तरह राजस्थान प्रशासनिक सेवा के तहत सृजित करने की मांग की है।

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Updated on:
30 Apr 2026 02:00 pm
Published on:
30 Apr 2026 01:52 pm
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