जयपुर

Rajasthan : धोरों, किलों और महलों के बाद अब ‘वॉटर टूरिज्म’ का जलवा; सैलानियों को भा रहा ‘वाटर सफारी का रोमांच

Rajasthan Water Safari: अब तक रेत के धोरे, किले और महलों के लिए पहचाना जाने वाला राजस्थान तेजी से 'वॉटर टूरिज्म' के नए नक्शे पर उभर रहा है। प्रदेश की झीलों, बांधों और नदियों में बोटिंग, कूज और वाटर स्पोर्ट्स की सुविधाएं बढ़ने से पर्यटकों को एक नया अनुभव मिल रहा है।

3 min read
Apr 05, 2026
उदयपुर की पिछोला झील और अलवर की सिलीसेढ़ झील में बोटिंग, पत्रिका फोटो

Rajasthan Water Safari: अब तक रेत के धोरे, किले और महलों के लिए पहचाना जाने वाला राजस्थान तेजी से 'वॉटर टूरिज्म' के नए नक्शे पर उभर रहा है। प्रदेश की झीलों, बांधों और नदियों में बोटिंग, क्रूज और वाटर स्पोर्ट्स की सुविधाएं बढ़ने से पर्यटकों को एक नया अनुभव मिल रहा है। यही वजह है कि अब सैलानी सिर्फ ऐतिहासिक धरोहरों तक सीमित नहीं रहकर झीलों की सैर को भी अपनी यात्रा का अहम हिस्सा बना रहे हैं।

ये भी पढ़ें

Jaipur: द्रव्यवती नदी पर बड़ा प्रोजेक्ट; 25 करोड़ लागत से यह बांध बनेगा नया टूरिस्ट स्पॉट, कार्यादेश जारी

आमेर मावठा झील में बोटिंग

राजधानी जयपुर के आमेर महल स्थित मावठा झील में हाल ही में शुरू हुई बोटिंग इस बदलाव की ताजा मिसाल है। यहां कश्मीर की तर्ज पर शिकारा बोटिंग शुरू की गई है, जिससे पर्यटकों को नया अनुभव मिल रहा है। सात प्रकार की नावों के साथ यह प्रोजेक्ट आने वाले वर्षों में करोड़ों का राजस्व देने की संभावना रखता है।

झीलों की नगरी उदयपुर का जल आकर्षण

उदयपुर जल पर्यटन के मामले में प्रदेश में सबसे आगे है। पिछोला झील, फतहसागर झील और उदयसागर झील में बोटिंग की सुविधाएं पहले से लोकप्रिय हैं। यहां रोजाना सैकड़ों पर्यटक नौकायन का आनंद लेते हैं, जबकि पर्यटन सीजन में यह संख्या हजार पार कर जाती है। पर्यटन विभाग अब गोवर्धन सागर में भी बोटिंग और पिछोला में इलेक्ट्रिक क्रूज शुरू करने की तैयारी कर रहा है।

  • किरायाः 180 से 500 रुपए प्रति व्यक्ति
  • सालाना आय: 15 करोड़ रुपए से अधिक

अजमेर में डबल डेकर क्रूज

अजमेर की आनासागर झील में देश का पहला डबल डेकर इलेक्ट्रिक क्रूज पर्यटकों को आकर्षित कर रहा है। करीब 45 मिनट की यह सैर गोवा जैसी क्रूज फील देती है। साथ ही, यहां वाटर स्कूटर और बोटिंग जैसी गतिविधियां भी उपलब्ध हैं।

  • बोटिंग किराया: 70 रु. प्रति व्यक्ति
  • सालाना आयः 7 लाख रु. से अधिक

अलवर में प्रकृति के बीच रोमांच

अलवर स्थित सिलीसेढ़ झील अरावली की वादियों में बसी एक खूबसूरत झील है। यहां 100 से अधिक प्रजातियों के पक्षी पाए जाते हैं, जिससे बोटिंग का अनुभव और भी खास बन जाता है। यहां का प्राकृतिक सौंदर्य पर्यटकों को लंबे समय तक याद रहता है।

  • मोटरबोट किरायाः 800 से 2500 रुपए
  • सालाना आय: 37 लाख रुपए से अधिक

कोटा वाइल्डलाइफ क्रूज

कोटा में चंबल नदी के किनारे जल पर्यटन को वन्यजीव अनुभव के साथ जोड़ा जा रहा है। यहां घड़ियाल, मगरमच्छ, कछुए और दुर्लभ पक्षियों को उनके प्राकृतिक आवास में देखने का मौका मिलता है। जल्द ही यहां नियमित क्रूज सेवा शुरू होने की योजना है।

  • किरायाः 150 से 1800 रुपए/व्यक्ति
  • सालाना आय: 10 लाख रुपए से अधिक

ये जिले भी पीछे

जोधपुर की कायलाना झील में भी बोटिंग धीरे-धीरे लोकप्रिय हो रही है। वहीं, माउंट आबू की नक्की झील समुद्र तल से ऊंचाई पर स्थित होने के कारण हमेशा पर्यटकों की पहली पसंद रही है। यहां पैडल बोट, शिकारा और रोइंग बोट के विकल्प उपलब्ध हैं। जैसलमेर के गड़ीसर सरोवर, बांसवाड़ा के माही बांध और बूंदी के केशवरायपाटन क्षेत्र में भी नौकायन को बढ़ाया दिया जा रहा है। भरतपुर की ऐतिहासिक सुजानगंगा नहर में बोटिंग हो रही है।

रोजगार और अर्थव्यवस्था को गति

वॉटर टूरिज्म के विस्तार से स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा हो रहे है। नाव संचालन, गाइड, टिकटिंग और हॉस्पिटेलिटी से जुड़े लोगों को सीधा लाभ मिल रहा है। साथ ही, राज्य के पर्यटन राजस्व में भी लगातार वृद्धि हो रही है।

ये भी पढ़ें

Jaipur: छूकर निकली गोलियां, डटे रहे पुलिस के जवान, जांबाजी में दबोचा इनामी हिस्ट्रीशीटर

Also Read
View All

अगली खबर