
मुख्य अभियंता एवं अतिरिक्त सचिव भुवन भास्कर ने किया बांध का निरीक्षण, पत्रिका फोटो
Jaipur Dam Tourism Project: जयपुर में द्रव्यवती नदी पर स्थित सांगानेर के गूलर बांध के पुनरुद्धार और सौंदर्यीकरण का कार्य जल्द शुरू होने जा रहा है। इस परियोजना के लिए 25 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए हैं। विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार कर कार्यादेश जारी कर दिया गया है। जल संसाधन विभाग गूलर के अलावा कानोता, नेवटा, चंदलाई बांधों के जीर्णोद्धार और आधुनिकीकरण की व्यापक योजना पर काम कर रहा है।
परियोजना के तहत गूलर बांध को पर्यटन हब के रूप में विकसित किया जाएगा। यहां आकर्षक घाट, सुव्यवस्थित गार्डन और लैंडस्केपिंग की दीर्घकालिक योजना बनाई जाएगी। बारिश के दौरान अतिरिक्त जल प्रवाह को नियंत्रित करने के लिए बांध पर गेट लगाए जाएंगे, जिससे नहरों में जल वितरण बेहतर हो सकेगा। साथ ही चंदलाई की ओर जाने वाली नहर के दोनों ओर सुरक्षा दीवार का निर्माण भी प्रस्तावित है।
जल संसाधन विभाग कानोता, नेवटा, चंदलाई और गूलर सहित प्रमुख बांधों के जीर्णोद्धार और आधुनिकीकरण की व्यापक योजना पर काम कर रहा है। इससे न केवल सिंचाई व्यवस्था मजबूत होगी, बल्कि मानसून के दौरान जल प्रबंधन और शहरी जल निकासी की समस्याओं का स्थायी समाधान भी सुनिश्चित किया जा सकेगा।
जल संसाधन विभाग के मुख्य अभियंता एवं अतिरिक्त सचिव भुवन भास्कर ने शनिवार को अधिकारियों की टीम के साथ बांध का निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माण कार्य में उपयोग हो रही सामग्री की गुणवत्ता की नियमित जांच और दस्तावेज के संधारण के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान बांध के ओवरफ्लो स्ट्रक्चर की स्थिति बेहद खराब पाई गई, जिस पर उन्होंने तकनीकी रूप से दोबारा डिजाइन कर नए निर्माण के निर्देश दिए। इसके बाद उन्होंने नेवटा बांध का भी दौरा कर उसे पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की संभावनाओं पर चर्चा की।
जानकारी के अनुसार अभी कानोता, नेवटा, चंदलाई और गूलर बांध में शहर से निकलने वाला अपशिष्ट पहुंच रहा है। जिसे रोकने के लिए भी जल संसाधन विभाग गंभीरता से काम कर रहा है। बांधों के निकट एसटीपी प्लांट निर्माण की कार्य योजना पर भी काम चल रहा है। जिसके बाद इन बांधों में स्वच्छ पानी का भराव संभव हो सकेगा।
जल संसाधन विभाग के अनुसार मानसून में बांध ओवरफ्लो होने और एसटीपी प्लांट बनने पर बांध के आसपास रहने वाले किसानों को बांधों से साफ पानी सिंचाई के लिए पानी की उपलब्धता आसान हो जाएगी।
Updated on:
05 Apr 2026 07:33 am
Published on:
05 Apr 2026 07:33 am
