उद्घाटन के समय लगाई जाने वाली शिलापट्टिकाओं पर केवल चुने हुए जनप्रतिनिधियों के नाम ही अंकित किए जाने चाहिए, चाहे वे किसी भी राजनीतिक दल से जुड़े हों। सांसद से लेकर सरपंच तक निर्वाचित प्रतिनिधियों के नाम ही नियम के अनुसार शिलालेखों पर लिखे जाने चाहिए।
Rajasthan News: जयपुर। विधानसभ अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने गुरुवार को विधानसभा में स्पष्ट किया कि सरकारी भवनों के उद्घाटन के समय लगाई जाने वाली शिलापट्टिकाओं पर केवल चुने हुए जनप्रतिनिधियों के नाम ही अंकित किए जाने चाहिए, चाहे वे किसी भी राजनीतिक दल से जुड़े हों। उन्होंने कहा कि सांसद से लेकर सरपंच तक निर्वाचित प्रतिनिधियों के नाम ही नियम के अनुसार शिलालेखों पर लिखे जाने चाहिए।
प्रश्नकाल के दौरान विधायक शत्रुघन गौतम के पूरक प्रश्नों का जवाब देते हुए चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेन्द्र सिंह ने बताया कि यदि भविष्य में इस नियम का उल्लंघन पाया गया तो जिम्मेदार अधिकारी-कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
मंत्री ने बताया कि केकड़ी जिला अस्पताल में 100 बेड की मातृ एवं शिशु चिकित्सा इकाई का निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है और भवन उद्घाटन के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि पहले बिना निर्माण कार्य पूरा हुए ही उद्घाटन कर दिया गया था और शिलापट्टिका पर नियमों के विरुद्ध अन्य नाम भी अंकित कर दिए गए थे। इस पूरे मामले की जांच कराई जाएगी।
उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश के अन्य चिकित्सा संस्थानों में यदि शिलालेखों पर नियम विरुद्ध नाम लिखे गए हैं तो उन्हें भी हटाया जाएगा। मंत्री के अनुसार इस परियोजना के लिए एनएचएम पीआईपी 2021-22 के तहत 3396.81 लाख रुपये की स्वीकृति दी गई थी और निर्माण कार्य पूर्ण होने के बाद ही औपचारिक हस्तांतरण की प्रक्रिया की जाएगी।