
राजस्थान में होने जा रहे पंचायती राज चुनाव 2026 की घोषणा के साथ ही प्रदेश के राजनीतिक गलियारों में बड़े उलटफेर की शुरुआत हो चुकी है। प्रथम चरण के नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि नजदीक आने के बीच विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी के खेमे में बड़ी सेंधमारी की है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) मुख्यालय जयपुर में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम के दौरान करौली, दौसा और कोटपूतली-बहरोड़ क्षेत्र के दर्जनों वरिष्ठ भाजपा नेताओं, पूर्व पदाधिकारियों और निष्ठावान कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस की नीतियों पर विश्वास जताते हुए पार्टी की प्राथमिक सदस्यता ग्रहण कर ली है।
जयपुर में आयोजित इस महत्वपूर्ण राजनीतिक घटनाक्रम के दौरान राजस्थान कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने खुद सभी नवागत नेताओं का सूत की माला पहनाकर और कांग्रेस का दुपट्टा उड़ाकर पार्टी में गर्मजोशी से स्वागत किया।
इस दौरान दौसा सांसद मुरारी लाल मीणा, पूर्व विधायक इंद्राज गुर्जर और रामस्वरूप कसाना जैसे प्रदेश के कद्दावर नेता भी मौजूद रहे। इस दलबदल को आगामी ग्रामीण निकाय चुनावों से ठीक पहले विपक्षी खेमे द्वारा अपने पक्ष में माहौल बनाने के एक रणनीतिक कदम के रूप में देखा जा रहा है।
इस दलबदल अभियान के तहत सबसे बड़ा असर कोटपूतली और आसपास के देहात क्षेत्रों में देखा गया, जहां भारतीय जनता पार्टी के संगठनात्मक ढांचे को क्षति होने का दावा कांग्रेस कर रही है। भाजपा के देहात मंडल के पूर्व अध्यक्ष इंजीनियर सुभाष घोघर और वरिष्ठ नेता कमल स्वामी ने अपने समर्थकों के साथ कांग्रेस का हाथ थाम लिया।
इसके साथ ही क्षेत्र के असरदार स्थानीय चेहरों में शामिल ओमचंद धानका, प्रवीण आर्य, दिलीप यादव, पुष्कर शर्मा, राकेश पाल सिंह और धर्मवीर सिंह शेखावत ने भी कांग्रेस का दामन थाम लिया है।
पार्टी में शामिल होने वाले अन्य प्रमुख चेहरों में कृष्ण छावड़ी, रविंद्र सिंह राठौड़, मुकेश सिरसवा, मनोज शर्मा, मुकेश कुमावत, सुभाष कुमावत, सुखवीर यादव, श्रीकिशोर यादव और मीनाक्षी घोघर जैसे सामाजिक और राजनीतिक रूप से सक्रिय नाम शामिल हैं।
इसके अलावा नैमली कृष्णा यादव, श्रीराम जाट, सुरेश यादव और गोपाल सिंह शेखावत सहित कई अन्य ब्लॉक एवं पंचायत स्तर के कार्यकर्ताओं ने भी कांग्रेस पार्टी की आधिकारिक सदस्यता ग्रहण की। कांग्रेस नेताओं का दावा है कि पंचायत चुनाव से पहले जमीनी नेताओं का यह पलायन ग्रामीण इलाकों में कांग्रेस के पक्ष में एक मजबूत लहर तैयार करने में मदद करेगा।
राजस्थान कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष (PCC चीफ) गोविंद सिंह डोटासरा ने जयपुर में मीडिया से बातचीत करते हुए भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार पर तीखा हमला बोला है। डोटासरा का यह बयान प्रदेश में होने वाले आगामी पंचायत चुनावों को लेकर राजनीतिक सरगर्मी बढ़ाने वाला है।
डोटासरा ने दावा किया कि आम जनता और नेताओं का अब बीजेपी से पूरी तरह मन भर चुका है। यही वजह है कि बड़ी संख्या में लोग बिना किसी शर्त के कांग्रेस का दामन थाम रहे हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले पंचायत चुनावों में कांग्रेस पार्टी एकतरफा और शानदार जीत दर्ज करने जा रही है।
डोटासरा ने अधिकारियों को भी आड़े हाथों लिया। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि जो भी अफसर जनता या विपक्ष के साथ ज्यादती और बदमाशी कर रहे हैं, प्रदेश में कांग्रेस की सरकार वापस आने पर उन सभी से पूरा हिसाब-किताब चुकता किया जाएगा।
उन्होंने संगठन की मजबूती और आगामी रणनीतियों को लेकर बताया कि कल (12 अक्टूबर को) राजस्थान से कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं का एक बड़ा दल दिल्ली के लिए रवाना होगा।
बीजेपी के चुनावी घोषणा पत्र (संकल्प पत्र) को आड़े हाथों लेते हुए पीसीसी चीफ ने कहा कि मौजूदा सरकार ने जनता से किया एक भी वादा पूरा नहीं किया है।
उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी ने निकाय चुनावों को जीतने के लिए हर हथकंडा अपनाया था, लेकिन इस बार पंचायत चुनाव में उनकी 'डराने और धमकाने' की राजनीति बिल्कुल नहीं चलने वाली है क्योंकि जनता अब इनके बहकावे में नहीं आएगी।