राजस्थान के लाखों कपास उत्पादक किसानों के लिए राहत भरी खबर है। राज्य सरकार ने खरीफ-2026 सीजन के लिए बीटी कपास (BG-II, GFM) हाइब्रिड बीजों की बिक्री और खेती की अनुमति जारी कर दी है।
राजस्थान के लाखों कपास उत्पादक किसानों के लिए राहत भरी खबर है। राज्य सरकार ने खरीफ-2026 सीजन के लिए बीटी कपास (BG-II, GFM) हाइब्रिड बीजों की बिक्री और खेती की अनुमति जारी कर दी है। कृषि आयुक्त नरेश कुमार गोयल ने स्पष्ट किया है कि इस बार बीज कंपनियों को केवल मुनाफे के लिए नहीं, बल्कि किसानों की फसल सुरक्षा की जिम्मेदारी के साथ मैदान में उतरना होगा। प्रदेश के कृषि-जलवायु क्षेत्रों के अनुसार 34 कंपनियों को बीज आपूर्ति के लिए अधिकृत किया गया है।
राजस्थान के प्रमुख कपास बेल्ट- श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़ और बीकानेर के लिए सरकार ने सख्त रुख अपनाया है।
ज्ञान-आधारित खेती को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने कंपनियों पर कुछ अनिवार्य शर्तें थोपी हैं:
बीज की गुणवत्ता और सही कीमत सुनिश्चित करने के लिए कृषि विभाग ने 'डिजिटल कवच' तैयार किया है:
मुख्यमंत्री के विजन के अनुरूप, राज्य सरकार ने छोटे और सीमांत किसानों के हितों की रक्षा के लिए KVSS, GSS और FPOs जैसी सहकारी संस्थाओं को 15-20% बीज आवंटन में प्राथमिकता दी है। इससे अब किसानों को बीज के लिए प्राइवेट डीलरों के आगे हाथ नहीं फैलाने पड़ेंगे और उचित दर पर उच्च गुणवत्ता वाला बीज उनके घर के पास उपलब्ध होगा।