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राजस्थान की रणनीतिक और आर्थिक मजबूती के प्रतीक पचपदरा रिफाइनरी-सह-पेट्रोकेमिकल परिसर में सोमवार को हुई आगजनी की घटना ने सभी को चिंता में डाल दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दौरे के ऐन पहले हुए इस हादसे की वजह से बहुप्रतीक्षित लोकार्पण कार्यक्रम स्थगित कर देना पड़ा। मामले की गंभीरता को देखते हुए केंद्र सरकार ने देश की सबसे बड़ी जांच एजेंसी NIA (National Investigation Agency) को जांच की कमान सौंप दी है।
NIA की एक विशेष टीम आज पचपदरा पहुँच चुकी है। सूत्रों के अनुसार, रिफाइनरी के अति-संवेदनशील CDU-VDU (Crude and Vacuum Distillation Unit) सेक्शन में लगी आग के समय और स्थान को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं।
हादसे के तुरंत बाद राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास पचपदरा पहुँचे। मुख्यमंत्री ने रिफाइनरी के अधिकारियों और सुरक्षा एजेंसियों के साथ बैठक कर साफ किया कि लापरवाही बरतने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने स्पष्ट कहा कि राजस्थान के इस ड्रीम प्रोजेक्ट की सुरक्षा से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं होगा।
इधर, प्रधानमंत्री के कार्यक्रम के लिए बनाए गए विशाल डोम और पंडाल को हटाने का काम क्रेन के जरिए शुरू कर दिया गया है।
प्रारंभिक रिपोर्टों और HPCL के आधिकारिक बयान के अनुसार, आग हीट एक्सचेंजर सर्किट में वाल्व या फ्लैंज से हाइड्रोकार्बन रिसाव के कारण लगी थी।
हादसे के बाद राजस्थान की राजनीति भी गरमा गई है। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली और आरएलपी सांसद हनुमान बेनीवाल ने सरकार की 'मार्केटिंग' और 'जल्दबाजी' पर सवाल उठाए हैं। विपक्ष का आरोप है कि अधूरे काम और चुनावी लाभ के लिए उद्घाटन की होड़ ने सुरक्षा मानकों को ताक पर रख दिया।
पचपदरा रिफाइनरी भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिहाज से एक महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट है। पीएम मोदी का दौरा स्थगित होने से न केवल उद्घाटन में देरी हुई है, बल्कि वैश्विक स्तर पर भारत के औद्योगिक सुरक्षा प्रोटोकॉल पर भी चर्चा शुरू हो गई है। केंद्रीय गृह मंत्रालय की एक स्पेशल टीम भी आज पचपदरा पहुँच रही है जो इंटरनल सिक्योरिटी ऑडिट करेगी।
Published on:
21 Apr 2026 01:57 pm
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