Rajasthan News : राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य बीमा योजना में बड़े बदलाव की तैयारी शुरू कर दी है। इसमें सबसे प्रमुख 25 लाख रुपए की बीमा राशि में कटौती कर इसे तर्कसंगत कवरेज राशि 5 या 10 लाख रुपए तक लाने और दूसरे राज्यों के निवासियों को भी बीमा की सुविधा दिलाना शामिल है।
Rajasthan News : राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य बीमा योजना में बड़े बदलाव की तैयारी शुरू कर दी है। इसमें सबसे प्रमुख 25 लाख रुपए की बीमा राशि में कटौती कर इसे तर्कसंगत कवरेज राशि 5 या 10 लाख रुपए तक लाने और दूसरे राज्यों के निवासियों को भी बीमा की सुविधा दिलाना शामिल है। निजी अस्पतालों की इलाज पैकेज राशि में भी संशोधन किए जाने की संभावना है। कांग्रेस सरकार की ओर से शुरू की गई चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना में पैकेज दरों को लेकर निजी अस्पतालों का तत्कालीन सरकार के साथ काफी विवाद रहा था।
नए प्रावधानों को वित्त मंत्री की ओर से बुधवार को पेश किए जाने वाले बजट या आगामी दिनों में लागू कर एक अगस्त से शुरू होने वाले बीमा योजना के नए सत्र में शामिल किया जा सकता है। हालांकि एक जून के नए सत्र से बीमा के लाभ के पात्रधारियों पर कवरेज कटौती करना सरकार के लिए आसान नहीं होगा। मौजूदा सरकार अंतरिम बजट में इस योजना के नाम से चिरंजीवी शब्द हटाकर बदलाव की शुरूआत कर चुकी है।
कुछ ई मित्रों पर जवाब…5 लाख का ही होगा बीमा
बीमा योजना का आगामी सत्र एक अगस्त से शुरू होगा। अब इससे पहले बीमा करवाने वालों में आगामी वर्ष की कवरेज राशि को लेकर असमंजस बना हुआ है। कुछ ई मित्रों पर लोगों को यहां तक कहा जा रहा है कि अब बीमा कवरेज 5 लाख का ही मिलेगा। हालांकि चिकित्सा विभाग ने आधिकारिक तौर पर ऐसे कोई आदेश जारी नहीं किए हैं।
मंत्री कई बार उठा चुके सवाल
कांग्रेस सरकार के समय बीमा कवरेज राशि 25 लाख को भाजपा लगातार झूठ बताती रही थी। भाजपा सरकार बनने के बाद मौजूदा चिकित्सा मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर भी कई बार यह कह चुके हैं कि 25 लाख रुपए कवरेज जनता का गुमराह करने वाला था। हकीकत में एक दो मामलों को छोड़कर 13-14 लाख रुपए से अधिक का किसी का इलाज नहीं किया गया। 5 लाख से अधिक का इलाज भी चंद मामलों में ही था।
बीमा तो पहले भी 5 लाख का ही
सूत्रों के अनुसार बीमा कवरेज राशि को 5 लाख रुपए तक कर शेष इलाज को अन्य किसी योजना से जोड़ा जा सकता है। हालांकि पूर्व सरकार के समय भी मरीज का बीमा 5 लाख रुपए का ही करवाया जाता था और इसके बाद का भुगतान विशेष कोष के जरिए किया जाता था।
25 लाख बीमा कवरेज तो तर्कहीन था। हालांकि अभी हमने इसमें कोई कटौती नहीं की है। लेकिन यह तय मान लेना चाहिए कि आगामी दिनों में इसको कम कर तर्कसंगत बनाएंगे। इसके अलावा कुछ और बदलाव भी योजना में होंगे।
-गजेन्द्र सिंह खींवसर, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री
बीमा कवरेज राशि में किसी तरह की कोई कटौती नहीं की गई है। योजना पहले की तरह ही जारी है।
-शुभ्रा सिंह, अतिरिक्त मुख्य सचिव, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग