
Rajasthan News : तीस लाख की आबादी का भीलवाड़ा जिला महज 11 माह में अठारह लाख का रह गया है। शाहपुरा उपखंड को नया जिला बनाने से आए बदलाव से भीलवाड़ा जिले की भौगोलिक सरंचना बदल गई। प्राकृतिक व पुरा सम्पदा का भी बंटवारा हो गया। हालांकि प्रदेश में नवगठित जिलों की पुनर्समीक्षा के लिए प्रशासनिक समिति बनाई गई है। इसमें शाहपुरा को फिर उपखंड मुख्यालय बनाने की चर्चा है।
राज्य सरकार के गत वर्ष मार्च में शाहपुरा समेत 19 नए जिलों का गठन किया। शाहपुरा उपखंड भीलवाड़ा से तोड़कर नया जिला बनाया गया। शाहपुरा को जिला बने करीब 11 माह हो गए, लेकिन प्रशासनिक ढांचा मजबूत नहीं हो सका है। नए जिले को अफसर मिल गए, लेकिन स्थायी कार्यालय व सरकारी आवास नहीं मिले हैं। शाहपुरा जिले की कई पंचायतें भीलवाड़ा जिले का हिस्सा रहने की मांग कर रही है। अभी भीलवाड़ा उदयपुर तो शाहपुरा जिला अजमेर संभाग में है।
वर्ष 2026 में बदलेंगे समीकरण
दोनों जिले के सीमांकन की तस्वीर वर्ष 2026 के परिसीमन के बाद साफ होगी। इसके बाद नए जिलों के लिए नए परिसीमन से राजनीतिक समीकरण बदल जाएंगे।
भीलवाड़ा में 12 तहसील, 10 उपखण्ड
भीलवाड़ा जिले में 12 तहसील है। इनमें भीलवाड़ा, हमीरगढ़, मांडल, करेड़ा, आसीन्द, हुरड़ा, रायपुर, सहाड़ा, बिजौलियां, मांडलगढ़, सवाईपुर व अंटाली शामिल है। 11 उपखंडों में भीलवाड़ा, मांडलगढ़, बिजौलियां, रायपुर, गंगापुर, आसीन्द, करेड़ा, हमीरगढ़, मांडल तथा गुलाबपुरा शामिल है।
शाहपुरा में 5 उपखण्ड व 6 तहसील
शाहपुरा जिले में अभी छह तहसील व पांच उपखंड है। शाहपुरा, जहाजपुर, काछोला, कोटड़ी, फूलिया कलां व बनेड़ा तहसील हैं। शाहपुरा, जहाजपुर, फूलियाकलां, बनेड़ा तथा कोटड़ी उपखंड हैं। बदनोर क्षेत्र अब शाहपुरा के बजाय ब्यावर जिले में जोड़ा गया है।
अटकलों का बाजार गरम
भजनलाल शर्मा सरकार ने हाल ही पूर्ववर्ती गहलोत सरकार के कार्यकाल में गठित 19 जिलों के नए सिरे से समीक्षा के लिए उप मुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा की अध्यक्षता में कमेटी बनाई है। चर्चा है कि शाहपुरा समेत नए नौ जिलों के गठन की पुन: समीक्षा हो सकती है। ऐसे में शाहपुरा के पुन: उपखंड मुख्यालय में तब्दील होने की संभावना है। राजनीतिक व प्रशासनिक गलियारों में शाहपुरा के गठन को लेकर बजट के मद्देनजर अटकलों का दौर गरम है।
जिले के सभी मापदंड पूरे करता है शाहपुरा
जिले होने के सभी मापदंडों पर शाहपुरा खरा उतरता है। जनता की मांग पर ही जिला बना है। मुख्यमंत्री से मिलकर तथ्य व जनता की मंशा बता चुका हूं। प्रशासनिक समिति के संयोजक उप मुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा व टीम के समक्ष भी पैरवी की है। सभी चाहते हैं कि शाहपुरा जिला बना रहे।
-लालाराम बैरवा, शाहपुरा विधायक
जानकारी नहीं, पता लगाऊंगा
इस संदर्भ में मुझे किसी से कोई बात नहीं हुई है। तथ्यात्मक जानकारी लेने पर ही स्थिति स्पष्ट कर पाऊंगा
-दामोदर अग्रवाल, सांसद भीलवाड़ा
फैसले का सम्मान करेंगे
राज्य सरकार की कमेटी की रिपोर्ट पर काफी कुछ निर्भर है। सरकार अच्छा निर्णय करेगी। हम फैसले का सम्मान करेंगे।
-गोपीचंद मीणा, विधायक जहाजपुर, जिला शाहपुरा
Published on:
09 Jul 2024 12:31 pm
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