
Rajasthan News : औद्योगिक क्षेत्रों को रियल एस्टेट बाजार बनाने से रोकने के लिए राज्य सरकार रीको लैंड डिस्पोजल रूल्स में संशोधन करने जा रही है। इसमें उत्पादन शुरू करने से लेकर पेनल्टी लगाने तक की समय सीमा को कम किया जा सकता है। बाजार से सस्ती दर पर जमीन लेकर उसे बेचकर मुनाफा कमाने वालों पर भी सती होगी। उद्योग मंत्री के निर्देश पर रीको इस पर होमवर्क कर रहा है। रीको अधिकारियों के मुताबिक पिछले दो साल में भूखंड आवंटन शर्तों की पालना नहीं कराने वाले करीब 48 आवंटन निरस्त किए हैं।
राजस्थान को इंडस्ट्री हब बनाने के लिए सरकार अब उन्हीं लोगों को जमीन आवंटन करना सुनिश्चित करेगी, जो वास्तव में इंडस्ट्री लगाना चाहते हैं। ऐसे लोगों के औद्योगिक अनुभव से लेकर भविष्य की प्लानिंग पर भी बात होगी।
अभी यह है प्रावधान
भूखंड आवंटन के तीन साल तक वहां औद्योगिक इकाई स्थापना से लेकर उत्पादन शुरू करना होता है। यदि इस समय सीमा में इंडस्ट्री शुरू नहीं होती तो आवंटी को 7 साल का और समय दिया जाता है। इसके लिए पेनल्टी लगाकर मौका देने का प्रावधान है। यानी दस साल तक उत्पादन शुरू नहीं कर पाए तो उसके बाद आवंटन निरस्त किया जा सकता है। अधिकतर मामलों में ऐसा ही हो रहा है।
विधायक भी मुखर
विधायकों ने विधानसभा में भी रीको के औद्योगिक क्षेत्रों में कई आवंटियों की ओर से इंडस्ट्री नहीं लगाने, जमीन को दूसरों को बेचने या लीज पर देने जैसे मामले उठाए। अनिता भदेल, यूनुस खान, सुभाष गर्ग, प्रियंका चौधरी सहित अन्य विधायकों ने इन मामलों से अवगत कराया।
Updated on:
08 Jul 2024 10:37 am
Published on:
08 Jul 2024 10:37 am
