राजस्थान बजट 2026-27 में खनन क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए बड़े बदलाव हुए। छोटी खातेदारी जमीन पर क्वेरी आवंटन आसान, प्रीमियम 40% से घटाकर 30%, 100 नए माइनिंग प्लॉट्स की नीलामी और सरकारी निर्माण में M-Sand उपयोग 50% अनिवार्य किया गया।
Rajasthan Budget 2026-27: राजस्थान की वित्त मंत्री दीया कुमारी ने बजट 2026-27 में प्रदेश के खनन क्षेत्र (Mining Sector) को नई रफ्तार देने के लिए कई क्रांतिकारी बदलाव किए हैं। सरकार ने न केवल छोटे भू-स्वामियों के लिए खनन के रास्ते खोले हैं, बल्कि राजस्व बढ़ाने के लिए बड़े स्तर पर प्लॉट्स की नीलामी का भी रोडमैप पेश किया है।
अब तक 1 हेक्टेयर और 0.18 हेक्टेयर से कम की छोटी खातेदारी जमीनों पर कानूनी अड़चनों के कारण खनन नहीं हो पा रहा था। सरकार ने अब ऐसी छोटी भूमियों के लिए 'क्वेरी' (Quarry) आवंटन करने की घोषणा की है। इसके अलावा, खातेदारी जमीन में खान आवंटन के समय लगने वाली प्रीमियम राशि को 40% से घटाकर 30% कर दिया गया है, जिससे स्थानीय जमींदारों पर आर्थिक बोझ कम होगा।
खनन क्षेत्र में पारदर्शिता और निवेश बढ़ाने के लिए सरकार अगले वित्तीय वर्ष में मेजर मिनरल के नए ब्लॉक्स और माइनर मिनरल के 100 नए प्लॉट्स की नीलामी करेगी। पट्टा जारी होते ही तुरंत खनन कार्य शुरू हो सके, इसके लिए नियमों को सरल और सुगम बनाया जा रहा है।
नदियों से बजरी के अवैध खनन को रोकने के लिए सरकार ने 'एम-सैंड' (M-Sand) पॉलिसी को और सख्त कर दिया है। अब सभी सरकारी निर्माण कार्यों में M-Sand का उपयोग 25% से बढ़ाकर 50% करना अनिवार्य होगा। इससे न केवल पर्यावरण की रक्षा होगी, बल्कि बजरी की किल्लत से भी राहत मिलेगी।