उप-मुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री दिया कुमारी ने विधानसभा में 2 घंटे 54 मिनट लंबा बजट भाषण देकर सबको हैरान कर दिया। यह दिया कुमारी के अब तक के राजनीतिक करियर का सबसे लंबा बजट भाषण है।
जयपुर। राजस्थान की राजनीति में बजट भाषण अब केवल वित्तीय दस्तावेज नहीं, बल्कि धैर्य और वाकपटुता की परीक्षा भी बन गया है। बुधवार, 11 फरवरी 2026 को उप-मुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री दिया कुमारी ने विधानसभा में 2 घंटे 54 मिनट लंबा बजट भाषण देकर सबको हैरान कर दिया। यह दिया कुमारी के अब तक के राजनीतिक करियर का सबसे लंबा बजट भाषण है। उन्होंने न केवल पिछली बार के अपने रिकॉर्ड को ध्वस्त किया, बल्कि राजस्थान के संसदीय इतिहास में सबसे लंबे भाषण देने वाले चुनिंदा नेताओं की फेहरिस्त में भी शामिल हो गईं।
दिया कुमारी ने जब से वित्त मंत्रालय संभाला है, उनके बजट भाषण की अवधि लगातार बढ़ती जा रही है।
लगातार तीन सालों तक इतने लंबे समय तक खड़े रहकर बजट पढ़ना उनकी शारीरिक और मानसिक ऊर्जा को दर्शाता है।
भले ही दिया कुमारी ने अपने रिकॉर्ड तोड़े हों, लेकिन राजस्थान के इतिहास में सबसे लंबे बजट भाषण का रिकॉर्ड अभी भी पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के नाम दर्ज है।
इतना लंबा भाषण केवल समय काटने के लिए नहीं था। दिया कुमारी के 174 मिनट के संबोधन में राजस्थान के हर वर्ग के लिए कुछ न कुछ था।
जब वित्त मंत्री करीब 3 घंटे तक बोलती रहीं, तो सदन में सन्नाटा और उत्सुकता दोनों बनी रही। विपक्षी खेमे से बीच-बीच में टोका-टाकी भी हुई, लेकिन दिया कुमारी ने बिना रुके अपना संबोधन जारी रखा। बीच-बीच में उन्होंने पानी पीकर अपनी ऊर्जा को बनाए रखा और अंत में एक ऊर्जस्वी मुस्कान के साथ अपना भाषण समाप्त किया।
जैसे ही विधानसभा की कार्यवाही समाप्त हुई, सोशल मीडिया पर दिया कुमारी के भाषण की अवधि चर्चा का विषय बन गई। नेटीजन्स उनके धैर्य की तारीफ कर रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि बजट भाषण की लंबाई इस बात का प्रतीक है कि सरकार के पास प्रदेश के लिए एक बहुत बड़ा और विस्तृत विजन (Vision 2047) है।