संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) द्वारा घोषित सिविल सेवा परीक्षा 2025 के परिणामों में राजस्थान कैडर की आईपीएस (IPS) आस्था जैन ने इतिहास रच दिया है। वर्तमान में राजस्थान पुलिस में अपनी सेवाएं दे रहीं आस्था ने इस बार अखिल भारतीय 9वीं रैंक (AIR 9) हासिल कर आईएएस (IAS) बनने का सपना पूरा कर लिया है।
राजस्थान के लिए यूपीएससी 2025 का परिणाम चमत्कारी रहा है। जहां रावतभाटा के अनुज अग्निहोत्री ने टॉप किया है, वहीं राजस्थान की IPS ऑफिसर आस्था जैन ने देश भर में 9वां स्थान प्राप्त कर प्रदेश का मान बढ़ाया है। आस्था वर्तमान में राजस्थान कैडर की आईपीएस हैं और हैदराबाद स्थित सरदार वल्लभभाई पटेल राष्ट्रीय पुलिस अकादमी में प्रशिक्षण ले रही हैं।
आस्था जैन का राजस्थान से गहरा नाता है। साल 2024 में उनका चयन भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के लिए हुआ था और उन्हें राजस्थान कैडर आवंटित किया गया था। वह राजस्थान पुलिस का हिस्सा बनीं, लेकिन उनका लक्ष्य प्रशासनिक सेवा में सर्वोच्च स्थान प्राप्त करना था। हैदराबाद में पुलिस की कठिन ट्रेनिंग के दौरान समय निकालकर उन्होंने फिर से परीक्षा दी और इस बार टॉप 10 में जगह बनाकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया।
आस्था जैन की सफलता उनकी निरंतरता और जुनून की कहानी है। उन्होंने एक या दो बार नहीं, बल्कि लगातार तीन बार देश की सबसे कठिन परीक्षा को क्रैक किया:
आस्था की पृष्ठभूमि एक साधारण परिवार की है। उत्तर प्रदेश के शामली के रहने वाले उनके पिता अजय जैन एक परचून (किराना) व्यापारी हैं। सीमित संसाधनों और एक छोटे शहर से निकलकर दिल्ली विश्वविद्यालय के मिरांडा हाउस से पढ़ाई पूरी करने वाली आस्था ने यह साबित कर दिया कि सपने देखने के लिए किसी बड़े बैंक बैलेंस की नहीं, बल्कि मजबूत इरादों की जरूरत होती है।
पिता अजय जैन ने गर्व से बताया कि आस्था शुरू से ही मेधावी छात्रा रही हैं। अपनी 12वीं की बोर्ड परीक्षा में पूरे भारत में चौथी रैंक हासिल की थी। उनकी यह शैक्षणिक उत्कृष्टता यूपीएससी में भी बरकरार रही। आस्था ने कभी हार नहीं मानी और आज उनकी मेहनत पूरे देश के सामने है।
राजस्थान कैडर की अधिकारी होने के नाते, आस्था जैन प्रदेश की महिला सशक्तिकरण और युवा शक्ति का चेहरा बन गई हैं। विशेष रूप से पुलिस अकादमी में ड्यूटी और ट्रेनिंग के थका देने वाले शेड्यूल के साथ यूपीएससी जैसे सिलेबस को कवर करना किसी करिश्मे से कम नहीं है। अब राजस्थान को उम्मीद है कि सेवा आवंटन के बाद आस्था एक बार फिर राजस्थान को ही अपनी कर्मभूमि चुनेंगी।