राजस्थान की राजधानी जयपुर अब एक नए और आधुनिक स्वरूप में नजर आने वाली है। शहर की बढ़ती आबादी और यातायात के दबाव को देखते हुए जयपुर विकास प्राधिकरण (JDA) ने एक मास्टर प्लान तैयार किया है। गुरुवार को हुई ट्रैफिक कंट्रोल बोर्ड की 94वीं बैठक में शहर के बुनियादी ढांचे को बदलने के लिए […]
राजस्थान की राजधानी जयपुर अब एक नए और आधुनिक स्वरूप में नजर आने वाली है। शहर की बढ़ती आबादी और यातायात के दबाव को देखते हुए जयपुर विकास प्राधिकरण (JDA) ने एक मास्टर प्लान तैयार किया है। गुरुवार को हुई ट्रैफिक कंट्रोल बोर्ड की 94वीं बैठक में शहर के बुनियादी ढांचे को बदलने के लिए 6 बड़े फैसलों पर मुहर लगाई गई है। जेडीए आयुक्त सिद्धार्थ महाजन की अध्यक्षता में हुए इस मंथन के बाद जयपुर की सड़कों का नक्शा पूरी तरह बदलने जा रहा है।
जयपुर को जाम मुक्त और सुरक्षित बनाने के लिए जयपुर विकास प्राधिकरण (JDA) ने कमर कस ली है। गुरुवार को लिए गए इन बदलावों का मुख्य फोकस सीकर रोड, न्यू सांगानेर रोड और टोंक रोड जैसे व्यस्ततम इलाकों पर रहेगा। आइए जानते हैं वे 6 बड़े बदलाव जो जयपुर की सूरत बदल देंगे।
जेडीए ने सीकर रोड और न्यू सांगानेर रोड कॉरिडोर के पुनर्विकास को हरी झंडी दे दी है। न्यू सांगानेर रोड पर लगने वाले भारी जाम से निपटने के लिए अब यहां 'सिग्नल-फ्री यू-टर्न' विकसित किए जाएंगे। इसके अलावा पैदल यात्रियों के लिए सुरक्षित क्रॉसिंग और सड़क के किनारों पर हॉर्टिकल्चर (बागवानी) के जरिए सौंदर्यीकरण किया जाएगा। इससे न केवल ट्रैफिक सुचारु होगा, बल्कि यह सड़क जयपुर की सबसे खूबसूरत सड़कों में से एक बनेगी।
द्रव्यवती नदी परियोजना के पास बसी कॉलोनियों के बीच आवाजाही को आसान बनाने के लिए जेडीए ने चार नए बॉक्स कल्वर्ट बनाने का निर्णय लिया है। इससे नदी के दोनों ओर बसी कॉलोनियों के बीच की दूरी कम होगी और स्थानीय निवासियों को लंबी दूरी तय करने से छुटकारा मिलेगा।
शहर के कई पुराने और व्यस्त चौराहों (जंक्शनों) पर अब ट्रैफिक का दबाव कम होगा। जेडीए सेंट्रल स्पाइन, पानीपेच, चिंकारा, जल भवन, चांदपोल सर्किल, गोनेर रोड, महल रोड, वाटिका रोड और अंबाबाड़ी जैसे प्रमुख स्थानों का वैज्ञानिक तरीके से पुनर्विकास करेगा। इसमें जंक्शन की चौड़ाई बढ़ाने और ट्रैफिक सिग्नल टाइमिंग को सुव्यवस्थित करने जैसे कार्य शामिल हैं।
सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए जेडीए ने एक बड़ा कदम उठाते हुए टोंक रोड, गोपालपुरा बाईपास, महल रोड, सहकार मार्ग और कालवाड़ रोड पर बने असुरक्षित मीडियन कट्स को बंद करने का फैसला किया है। इन कट्स की जगह अब सुरक्षित और व्यवस्थित यू-टर्न बनाए जाएंगे, जिससे वाहन अनियंत्रित तरीके से सड़क पार नहीं कर पाएंगे।
पैदल चलने वालों की सुविधा के लिए कालवाड़ रोड और लोहा मंडी रोड पर विशेष ध्यान दिया गया है।
जयपुर में पहली बार “सेफ स्कूल एवं कॉलेज जोन” विकसित करने की अनूठी पहल की गई है। भगवान दास रोड स्थित सेंट जेवियर, सेंट सोल्जर और मैरीलैंड स्कूल के पास इसे पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू किया जाएगा। इसके तहत टेबलटॉप क्रॉसिंग, स्पीड मार्किंग, पेडेस्ट्रियन क्रॉसिंग और गार्ड रेल्स जैसी आधुनिक सुरक्षा सुविधाएं लगाई जाएंगी, ताकि छात्र सुरक्षित तरीके से सड़क पार कर सकें।
जेडीए आयुक्त सिद्धार्थ महाजन ने कहा कि जयपुर शहर में यातायात प्रबंधन को आधुनिक और सुरक्षित बनाने के लिए चरणबद्ध तरीके से कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी स्वीकृत कार्यों को प्राथमिकता से पूरा किया जाए, ताकि आमजन को यातायात में सुगमता और सुरक्षा का लाभ मिल सके।