जयपुर

CM गहलोत बोले- कोविड के बाद एक और कोरोना आ गया हमारी पार्टी में, देखें वायरल वीडियो

आलाकमान की एडवाइजरी के कारण मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट सीधे तौर पर तो एक दूसरे को कुछ नहीं कह रहे, लेकिन इशारों-इशारों में एक दूसरे के खिलाफ जमकर मोर्चा खोला हुआ है।

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Jan 20, 2023
cm gehlot

जयपुर। आलाकमान की एडवाइजरी के कारण मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट सीधे तौर पर तो एक दूसरे को कुछ नहीं कह रहे, लेकिन इशारों-इशारों में एक दूसरे के खिलाफ जमकर मोर्चा खोला हुआ है। पायलट के तिजोरी से पेपर बाहर आने में कोई जादूगरी होने के बयान के बाद गहलोत ने पायलट का नाम लिए बगैर उन्हें 'कोरोना' कह डाला। गहलोत ने कहा कि कोविड के बाद हमारी पार्टी में एक बड़ा कोरोना आ गया।

बुधवार को सीएम ने बजट से पूर्व संवाद कार्यक्रम के लिए विभिन्न कर्मचारी संगठनों को बुलाया। कार्यक्रम में एक कर्मचारी नेता ने सीएम को इस बात के लिए उलाहना दिया कि वे मिलते नहीं है। इस बात पर सीएम ने उन्हें टोकते हुए कहा कि आप सच कह रहे हैं, पहले मुझे तीन बार कोविड हो गया। बाद में हमारी पार्टी में एक बड़ा कोरोना आ गया। इतना सुनते ही मौजूद लोगों ने जोरदार ठहाका लगाया।

बाद में मुख्यमंत्री ने बात को संभालते हुए कहा कि पिछला समय बहुत खराब निकला। कभी राज्य सभा चुनाव तो कभी उपचुनाव आ गए। राज्य सभा चुनावों में भी वोट कहीं पड़ रहे थे, हम कहीं ओर थे। इन सबके बावजूद आपके सहयोग, आशीर्वाद और दुआओं से सारी बाते ढकी रह गई। हम बेहरतरीन योजनाएं लेकर आए। हमारी योजनाएं अच्छी नहीं होती तो आज हम जिस माहौल में बात कर रहे हैं वह नहीं हो पाती। बैठक के दौरान सीएम, पुराने चार सालों को याद करते हुए थोड़े भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि बुरा वक्त निकल गया। मिलना-जुलना बंद हो गया। पहले कोविड से वक्त नहीं मिला। फिर खुद को तीन बार कोरोना हो गया। फिर पोस्ट कोविड हो गया। हार्ट में स्टेंट लगवाना पड़ गया।

किसान सभाओं में भीड़ से पायलट उत्साहित
पायलट इन दिनों किसान सम्मेलन कर रहे हैं। ज्यादातर सम्मेलन उनके समर्थक विधायकों की ओर से अयोजित किए गए हैं। इनमें उमड़ रही भीड़ से पायलट खासे उत्साहित नजर आए। उन्होंने बेहद नपे-तुले अंदाज में भाषण दिए। जिसमें उन्होंने कांग्रेस पार्टी, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी की तो जमकर तारीफ की। लेकिन गहलोत का नाम लिए बिना इशारों ही इशारों में सब कुछ कह दिया।

उदाहरण के तौर पर उदयपुरवाटी में उन्होंने पेपर लीक मामले में गहलोत के अफसरों और नेताओं को क्लीन चिट दिए जाने के बारे में सवाल पूछा कि तिजोरी में रखे प्रश्नपत्र किस जादूगरी से बाहर आ गए? माना जा रहा है कि किसान सम्मेलनों के जरिए पायलट, आलाकमान को अपनी ताकत दिखा रहे हैं, ताकि चुनावों से पहले उन्हें सम्मानजनक तरीके से पार्टी में पुन:स्थापित किया जा सके। वैसे राहुल गांधी, गहलोत और पायलट दोनों को ही पार्टी के लिए एसेट बता चुके हैं।

Published on:
20 Jan 2023 10:53 am