जयपुर

Rajasthan Congress: निकाय, पंचायत और विधानसभा चुनावों से पहले कांग्रेस का दांव, विधायकों और प्रत्याशियों को बनाया बूथ एजेंट

राजस्थान में आगामी निकाय, पंचायत और विधानसभा चुनावों को देखते हुए कांग्रेस ने संगठन को मजबूत करने के लिए बड़ा प्रयोग किया है।

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Jun 09, 2026
congress news
Photo- Patrika Network

राजस्थान में आगामी निकाय, पंचायत और विधानसभा चुनावों को देखते हुए कांग्रेस ने संगठन को मजबूत करने के लिए प्रयोग किया है। प्रदेश कांग्रेस ने विधायकों और विधानसभा चुनाव लड़ चुके प्रत्याशियों को बूथ स्तर का एजेंट बना दिया है। पार्टी का मानना है कि चुनाव जीतने के लिए सबसे महत्वपूर्ण कड़ी बूथ प्रबंधन है और इसी मोर्चे पर मजबूती लाने के लिए यह रणनीति अपनाई गई है। कांग्रेस नेतृत्व को उम्मीद है कि इस कदम से चुनावी प्रक्रिया पर बेहतर निगरानी रखने के साथ संगठन को जमीनी स्तर पर भी मजबूती मिलेगी।

बूथ प्रबंधन को बनाया सबसे बड़ा लक्ष्य

कांग्रेस का मानना है कि पिछले कई चुनावों में कमजोर बूथ प्रबंधन के कारण पार्टी को नुकसान उठाना पड़ा। वर्ष 1998 के बाद जब भी कांग्रेस सत्ता में आई, तब वह स्पष्ट और मजबूत बहुमत का आंकड़ा हासिल नहीं कर सकी। पार्टी के रणनीतिकारों का मानना है कि बूथ स्तर पर संगठन की कमजोरी चुनावी परिणामों को प्रभावित करती रही है। इसी कारण अब पूरा फोकस बूथों को मजबूत करने और प्रत्येक मतदाता तक सीधी पहुंच बनाने पर किया जा रहा है।

विधायकों और प्रत्याशियों को सौंपी अहम जिम्मेदारी

नई व्यवस्था के तहत वर्तमान विधायक अपने-अपने विधानसभा क्षेत्रों में बूथ स्तर एजेंट की भूमिका निभाएंगे। जहां विधायक नहीं हैं, वहां विधानसभा चुनाव लड़ चुके प्रत्याशियों को यह जिम्मेदारी दी गई है। पार्टी का मानना है कि विधायक और प्रत्याशी क्षेत्र में लगातार सक्रिय रहते हैं तथा स्थानीय हालात, मतदाताओं और प्रशासनिक गतिविधियों की बेहतर जानकारी रखते हैं। ऐसे में वे चुनावी प्रक्रिया पर अधिक प्रभावी निगरानी रख सकेंगे।

मतदाता सूची से लेकर चुनावी प्रक्रिया तक रखेंगे नजर

बूथ स्तर एजेंट बनने के बाद विधायक और प्रत्याशी मतदाता सूची से जुड़ी गतिविधियों, नए मतदाताओं के पंजीकरण, नाम जोड़ने या हटाने की प्रक्रिया तथा अन्य चुनावी कार्यों पर नजर रखेंगे। पार्टी चाहती है कि चुनाव से जुड़ी हर छोटी-बड़ी गतिविधि की जानकारी सीधे संगठन तक पहुंचे। इसके लिए जल्द ही जयपुर में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा आगे की रणनीति और जिम्मेदारियों की जानकारी देंगे।

52 हजार से अधिक बूथों पर तैयार हुआ नेटवर्क

राजस्थान में 52 हजार से अधिक मतदान केंद्र हैं। कांग्रेस का दावा है कि सभी बूथों पर एजेंटों की नियुक्ति की जा चुकी है। पार्टी का यह मॉडल राष्ट्रीय नेतृत्व की भी सराहना प्राप्त कर चुका है। अब कांग्रेस की नजर आगामी निकाय और पंचायत चुनावों के साथ-साथ विधानसभा चुनावों पर है। राजनीतिक जानकारों की निगाह इस बात पर रहेगी कि बूथ प्रबंधन का यह नया मॉडल चुनावी मैदान में कांग्रेस को कितना फायदा दिला पाता है।

Published on:
09 Jun 2026 12:15 pm