
जयपुर। राजस्थान में आगामी पंचायतीराज चुनाव को लेकर कांग्रेस ने अपनी रणनीति पर मंथन तेज कर दिया है। इसी कड़ी में बुधवार को प्रदेश कांग्रेस के वॉर रूम में वरिष्ठ नेताओं की अहम बैठक हुई। बैठक में प्रदेश प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा, पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा, नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली, कांग्रेस महासचिव एवं पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट सहित वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। बैठक के बाद अशोक गहलोत का कांग्रेस की एकता को लेकर दिया गया बयान खासा चर्चा में है।
बैठक से पहले अशोक गहलोत और सचिन पायलट के बीच हुई हल्की-फुल्की बातचीत भी चर्चा का विषय बन गई। गहलोत ने पायलट से कहा- 'पंजाब इंचार्ज, अब बताइए। पहले आपके इंचार्ज ये (रंधावा) थे, अब इनके इंचार्ज आप हैं।' इस पर पायलट ने हंसते हुए जवाब दिया- 'सबके इंचार्ज आप ही हो। राजस्थान, पंजाब… क्या फर्क पड़ता है?' गहलोत ने भी मजाकिया अंदाज में कहा- 'हम तो परमानेंट इंचार्ज हैं।' इस दौरान गहलोत, पायलट, डोटासरा सहित वहां मौजूद नेताओं ने ठहाके लगाए।
बैठक के बाद प्रेस वार्ता के दौरान गहलोत ने इसी माहौल को लेकर कांग्रेस में एकजुटता का संदेश दिया। उन्होंने कहा, 'आप हमेशा पूछते हो कि कांग्रेस में एकता नहीं है। आज आपने देख ली, सब एकता है, सब एकजुट हैं। अगली बार कांग्रेस की सरकार बनेगी, कोई रोक नहीं सकता।' उन्होंने कहा कि अगली बार कोई यह सवाल नहीं पूछेगा कि कांग्रेस में एकता नहीं है, क्योंकि पूरी एकता सामने खड़ी है।
पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा ने बताया कि प्रदेश कांग्रेस की ओर से बनाई गई कैंपेन कमेटी की बैठक में वरिष्ठ नेताओं और फ्रंटल संगठनों के प्रदेश अध्यक्षों सहित करीब 28 वरिष्ठ नेताओं को बुलाया गया था। उन्होंने कहा कि सभी नेता फील्ड में जाकर कांग्रेस का कैंपेन करेंगे और सरकार की ढाई साल की विफलताओं को जनता के सामने रखेंगे। डोटासरा ने स्थानीय निकाय चुनावों में कथित गड़बड़ियों और वोट चोरी का भी आरोप लगाया।
डोटासरा ने कहा कि कांग्रेस राजस्थान में 'एकजुट भी है और मजबूत भी'। उन्होंने दावा किया कि पंचायत चुनाव में कांग्रेस भाजपा का मुकाबला करेगी और जीत हासिल करेगी। उन्होंने सरकार पर जनप्रतिनिधियों के अधिकार छीनने और चुनाव में देरी करने के आरोप भी लगाए।
नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने बैठक में पंचायत चुनाव की तैयारियों के साथ कथित चुनावी अनियमितताओं पर चर्चा होने की बात कही। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले चुनाव में सरकार ने बेईमानी की और कांग्रेस अब उसका मुकाबला करने के लिए तैयार है। जूली ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए एसआईआर, मतदाता सूची और चुनावी प्रक्रिया को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि यदि चुनाव में बेईमानी, गुंडागर्दी या तानाशाही हुई तो कांग्रेस का हर कार्यकर्ता इसके खिलाफ खड़ा होगा।
उन्होंने राजस्थान में पंचायत और निकाय चुनाव समय पर नहीं कराने, भरतपुर में जिला प्रमुख का उपचुनाव लंबित रहने और सरकार की विभिन्न योजनाओं को लेकर भी सवाल उठाए। साथ ही कोटा में प्रसूताओं की मौत, अस्पतालों में कथित लापरवाही, स्कूल भवनों की स्थिति और किसानों को खाद की समस्या जैसे मुद्दे उठाकर सरकार को घेरा।