जयपुर

Bandebandi: 9 सितंबर से बाड़ेबंदी में पार्षद, आज खुलेगा ‘कैद’ का दरवाजा, जयपुर-जोधपुर-कोटा को 26 सितंबर तक इंतजार

Rajasthan Politics: 9 और 11 सितंबर को मतदान से शुरू हुआ सफर, आज उपप्रमुख चुनाव के साथ खत्म होगी बाड़ेबंदी। जयपुर-जोधपुर-कोटा के पार्षदों की बाड़ेबंदी 26 सितंबर तक, यहां सबसे आखिर में खुलेगा सियासी पहरा।
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Sep 22, 2026
Bandebandi in Rajasthan
Photo AI

Rajasthan Municipal Elections 2026: जयपुर. राजस्थान के नगरीय निकाय चुनाव में करीब दो सप्ताह से चल रही पार्षदों की बाड़ेबंदी का आज बड़ा चरण खत्म होने जा रहा है। 9 और 11 सितंबर को दो चरणों में मतदान के बाद 14 सितंबर को पार्षदों के चुनाव परिणाम घोषित हुए। चुनाव तिथि की शाम से से ही कई निकायों में राजनीतिक दलों ने अपने जीते हुए पार्षदों को होटल, रिसॉर्ट और अन्य सुरक्षित स्थानों पर रखा। अब 22 सितंबर को उपमहापौर, उपसभापति और उपाध्यक्ष पदों के चुनाव के साथ अधिकांश निकायों में यह बाड़ेबंदी खत्म हो जाएगी।

इस पूरे चुनावी घटनाक्रम में पार्षदों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण रही है। वार्ड चुनाव में जीतने के बाद पार्षदों के जरिए ही नगर निगम में महापौर और बाद में उपमहापौर का चुनाव होना है। यही वजह रही कि कई निकायों में बहुमत का आंकड़ा स्पष्ट नहीं होने के कारण राजनीतिक दलों ने अपने पार्षदों को एकजुट रखने पर जोर दिया। चुनाव से पहले ही भाजपा और कांग्रेस दोनों की ओर से संभावित खरीद-फरोख्त और क्रॉस वोटिंग को लेकर सतर्कता बरतने की खबरें सामने आई थीं।

महापौर के बाद अब दूसरी बड़ी कुर्सी का फैसला

21 सितंबर को हुए महापौर और निकाय प्रमुखों के चुनाव के बाद अब आज उपमहापौर, उपसभापति और नगर पालिका उपाध्यक्ष पदों के लिए मतदान हो रहा है। यानी जिन पार्षदों को करीब एक सप्ताह से अधिक समय तक एकजुट रखा गया, अब उनके वोट से बोर्ड की दूसरी महत्वपूर्ण कुर्सी का फैसला होगा। राज्य निर्वाचन आयोग के कार्यक्रम के अनुसार निकाय प्रमुखों के चुनाव के अगले दिन उपप्रमुख पदों के लिए चुनाव निर्धारित था।

इन चुनावों के बाद अधिकांश निकायों के निर्वाचित पार्षद बाड़ेबंदी से बाहर आ सकेंगे। हालांकि तीन बड़े नगर निगमों के लिए कहानी अभी खत्म नहीं होगी।

जयपुर, जोधपुर और कोटा में 26 सितंबर तक पहरा

जयपुर, जोधपुर और कोटा नगर निगमों के चुनाव पहले चरण की निर्धारित प्रक्रिया से अलग कर दिए गए थे। इन तीनों नगर निगमों में महापौर का चुनाव 25 सितंबर को होगा, जबकि उपमहापौर का चुनाव 26 सितंबर को कराया जाएगा।
इसका मतलब है कि इन तीन नगर निगमों के पार्षदों की राजनीतिक बाड़ेबंदी भी 26 सितंबर को उपमहापौर चुनाव के बाद ही समाप्त होगी। यानी राजस्थान के निकाय चुनाव में पार्षदों का यह लंबा ‘सियासी सफर’ मतदान से शुरू होकर परिणाम, महापौर चुनाव और आखिर में उपमहापौर चुनाव के बाद पूरा होगा।

9 सितंबर से शुरू हुई चुनावी प्रक्रिया के बाद 26 सितंबर को जयपुर, जोधपुर और कोटा में उपमहापौर के परिणाम आने के साथ राजस्थान के नगरीय निकायों की तस्वीर पूरी तरह साफ हो जाएगी।

Updated on:
22 Sept 2026 02:49 pm
Published on:
22 Sept 2026 02:49 pm