
Pachpadra Refinery : 80 हजार करोड़ की लागत से तैयार राजस्थान रिफाइनरी की परिकल्पना प्रदेश के अपने कच्चे तेल के दम पर की गई थी, लेकिन रिफाइनरी के संचालन से पहले ही तस्वीर बदल गई है। जिस समय इसकी योजना बनी थी, तब राजस्थान में करीब 9 मिलियन मीट्रिक टन प्रतिवर्ष (MMTPA) क्रूड का उत्पादन हो रहा था। अब उत्पादन घटकर करीब 1.5 एमएमटीपीए रह गया है। ऐसे में 9 एमएमटीपीए क्षमता वाली रिफाइनरी में प्रदेश का क्रूड अधिकतम 2.5 एमएमटीपीए तक ही उपयोग हो सकेगा, जबकि 7.5 तेल अरब समेत अन्य देशों से मंगाना पड़ेगा।
अधिकारियों के अनुसार बदलते लिए आयातित 7.5 एमएमटीपीए कच्चा तेल समुद्री मार्ग से गुजरात के मुंदा पोर्ट पहुंचेगा। वहां छह टर्मिनल टैंकों में इसके भंडारण के बाद करीब 485 किलोमीटर लंबी इलेक्ट्रिक-हीटेड पाइपलाइन के जरिए पचपदरा रिफाइनरी तक पहुंचाया जाएगा। हीटेड पाइपलाइन के कारण क्रूड ऑयल निर्धारित तापमान पर रहेगा।
रिफाइनरी की स्थापना के समय प्रदेश में प्रतिदिन 1.75 लाख बैरल से अधिक क्रूड ऑयल का उत्पादन होता था। इसी आधार पर इसकी क्षमता तय की गई थी। हालांकि, परियोजना के निर्माण के दौरान उत्पादन लगातार घटता गया और अब यह 50 हजार बैरल प्रतिदिन से भी नीचे आ गया है।
उत्पादन को देखते हुए बाद में हुए एमओयू में राजस्थान के क्रूड ऑयल की आपूर्ति अधिकतम 2.5 एमएमटीपीए तक सीमित करने पर सहमति बनी। शेष जरूरत आयातित कच्चे तेल से पूरी होगी। देश की सबसे आधुनिक और हाईटेक बालोतरा की पचपदरा स्थित इस रिफाइनरी के निर्माण पर 79 हजार 459 करोड़ रुपए की लागत आई है। यह रिफाइनरी 4500 एकड़ (7200 बीघा) में बनी है।
1- 9 मिलियन टन सालाना कच्चे तेल की रिफाइनिंग क्षमता।
2- 2 मिलियन का टन क्षमता पेट्रोकेमिकल कॉम्पलेक्स।
3- 7.5 मिलियन टन कच्चा तेल अरब देशों से मंगाया जाएगा।
4- 1.5 मिलियन टन कच्चे तेल का राजस्थान में प्रोडक्शन कर उपयोग करेंगे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 4 जुलाई को राजस्थान आ रहे हैं। बालोतरा जिले के पचपदरा में स्थित एचआरआरएल रिफाइनरी का उद्घाटन करेंगे। समारोह के लिए तैयारियां तेज हो गई हैं। सीएम भजनलाल शर्मा ने रविवार को तैयारियां का जायजा लिया। सीएम भजनलाल ने कहा- राजस्थान के भाग्य को बदलने वाली हमारी रिफाइनरी है।