
Rajasthan Police Mega Nakabandi Campaign: राजस्थान में अपराधियों, असामाजिक तत्वों और यातायात नियमों की धज्जियां उड़ाने वालों के खिलाफ राजस्थान पुलिस ने अब तक का सबसे बड़ा 'मेगा नाकाबंदी' अभियान चलाया है। महानिदेशक पुलिस (DGP) राजीव कुमार शर्मा के कड़े निर्देशों के बाद, सोमवार को पूरे प्रदेश की पुलिस सड़कों पर उतर आई। नतीजा? सिर्फ 24 घंटे के भीतर पूरे राज्य में हड़कंप मच गया और रिकॉर्ड तोड़ कार्रवाई देखने को मिली।
अतिरिक्त महानिदेशक (लॉ एंड ऑर्डर) वीके सिंह ने बताया कि इस महा-अभियान को अंजाम देने के लिए राजस्थान के सभी रेंज और कमिश्नरेट में कुल 1103 नाकाबंदी पॉइंट बनाए गए थे। पुलिस की मुस्तैद टीमों ने चीते जैसी फुर्ती दिखाते हुए कुल 39,984 दुपहिया और 34,888 चौपहिया वाहनों की सघन चेकिंग की। इस दौरान संदिग्ध गतिविधियों में लिप्त पाए गए 226 आरोपियों को सलाखों के पीछे भेजा गया।
अगर आप सोचते हैं कि हेलमेट न लगाने या सीट बेल्ट न बांधने पर आप बच निकलेंगे, तो जरा इन आंकड़ों पर नजर डालिए। अभियान के दौरान कुल 15,083 चालान काटे गए:
* बिना हेलमेट: 3,234 चालान
* बिना सीट बेल्ट: 1,648 चालान
* ड्राइविंग के दौरान मोबाइल पर बात: 184 चालान
* दोषपूर्ण नंबर प्लेट: 1,653 चालान
* गाड़ियों पर काली फिल्म (Tinted Glass): 1,643 चालान
* शराब पीकर गाड़ी चलाने वाले (Drunk & Drive): 385 चालकों पर गिरी गाज।
यह सिर्फ ट्रैफिक चेकिंग नहीं थी, बल्कि अपराधियों पर सीधा प्रहार था। पुलिस ने 11 गाड़ियां जब्त कीं और आर्म्स एक्ट, आबकारी अधिनियम व NDPS एक्ट के तहत 73 नए मुकदमे दर्ज किए।
* जयपुर रेंज में पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली, जहां 25.50 लाख रुपये की भारी नगदी और 5 वाहन जब्त किए गए।
* भरतपुर रेंज में अवैध रेत खनन में लगे ट्रैक्टर और भारी मात्रा में देशी शराब पकड़ी गई।
* कोटा और बीकानेर रेंज में भी भारी मात्रा में डोडा चूरा, अवैध शराब और एम्प्लीफायर जब्त किए गए।
चालान काटने के मामले में जयपुर रेंज (2492 चालान) के साथ टॉप पर रही। इसके बाद अजमेर (2229) और भरतपुर (2145) का नंबर आया। वहीं जयपुर पुलिस कमिश्नरेट में 990 और जोधपुर कमिश्नरेट में 338 चालान किए गए। वाहनों की जांच में भी जयपुर रेंज (13,589 वाहन) सबसे आगे रही।
पुलिस की अपील: राजस्थान पुलिस का यह अभियान साफ संदेश देता है कि कानून से ऊपर कोई नहीं है। सुरक्षित रहें, नियमों का पालन करें और जिम्मेदार नागरिक बनें।