जयपुर

Rajasthan School : शिक्षा विभाग का बड़ा फैसला, ‘नो-डिटेंशन व्यवस्था खत्म, पूरक में भी पास होना अनिवार्य

Rajasthan School : राजस्थान के शिक्षा विभाग ने पांचवीं कक्षा की बोर्ड परीक्षा में बड़ा बदलाव किया है। नया नियमानुसार अब छात्र फेल भी हो सकेंगे। नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया है।

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फाइल फोटो पत्रिका

Rajasthan School : राजस्थान के शिक्षा विभाग ने पांचवीं कक्षा की बोर्ड परीक्षा में बड़ा बदलाव किया है। अब तक प्राथमिक स्तर पर लागू ‘नो-डिटेंशन’ (किसी को फेल न करने) की व्यवस्था पर ब्रेक लग गया है। शिक्षा विभाग ने पांचवीं कक्षा की बोर्ड परीक्षा में बड़ा बदलाव करते हुए तय किया है कि अब छात्र फेल भी हो सकेंगे। यह नया नियम सत्र 2026-27 से लागू होगा। शिक्षा विभाग ने मंगलवार को इसका नोटिफिकेशन जारी किया।

अब तक व्यवस्था यह थी कि पांचवीं में किसी विद्यार्थी को अनुत्तीर्ण नहीं किया जाता था। कमजोर छात्रों को पूरक घोषित कर दूसरी परीक्षा में बैठाया जाता और अंततः सभी को अगली कक्षा में प्रमोट कर दिया जाता था। लेकिन नए प्रावधान के तहत अब पूरक परीक्षा में भी न्यूनतम अंक लाना अनिवार्य होगा। अन्यथा बच्चे को उसी कक्षा में रोक दिया जाएगा।

क्या बदलेगा जमीनी स्तर पर

इस फैसले के बाद सबसे बड़ा बदलाव स्कूलों के भीतर नजर आएगा। अब तक जहां प्राथमिक स्तर पर परीक्षा का दबाव अपेक्षाकृत कम था, वहीं अब पढ़ाई और मूल्यांकन दोनों में गंभीरता बढ़ेगी। शिक्षकों को भी छात्रों की तैयारी पर ज्यादा ध्यान देना होगा, क्योंकि अब परिणाम सीधे बच्चे के अगले क्लास में जाने को प्रभावित करेगा।

आठवीं के बाद अब पांचवीं में भी सख्ती

इससे पहले इसी तरह का प्रावधान आठवीं बोर्ड परीक्षा में लागू किया जा चुका है। अब सरकार ने इसे पांचवीं तक लागू कर दिया है, जिससे प्राथमिक शिक्षा के स्तर पर ही बुनियादी सीखने के परिणाम सुधारने की कोशिश मानी जा रही है।

करीब 16 राज्यों में संशोधित हुआ नियम

गौरतलब है कि 16 से अधिक राज्यों में इसे पहले ही संशोधित किया जा चुका है। राज्य सरकार का मानना है कि इससे बच्चों के सीखने का स्तर गिर रहा है। बच्चे पढ़ाई को लेकर लापरवाह हो गए हैं। क्योंकि, उनको फेल होने का डर ही नहीं रहता है।

राजस्थान बोर्ड वर्ष 2025-26 का पांचवीं कक्षा का रिजल्ट

राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के 5वीं कक्षा का रिजल्ट इस सत्र में 97.75 फीसदी रहा। 5वीं में 13,68,947 में से 13,33,936 स्टूडेंट पास हुए। 74 हजार छात्र और छात्राओं की सप्लीमेंट्री आई है। साथ ही साढ़े 6 हजार बच्चों के परिणाम रोके भी गए हैं। पर जो बच्चे इस परीक्षा में पास नहीं हुए है वो निराश न हों उन्हें परीक्षा पास करने का एक और मौका मिलेगा।

वर्ष 2026 में हर विषय में न्यूनतम 33 फीसदी अंक अनिवार्य था। नहीं तो अगली कक्षा में प्रवेश नहीं मिलेगा। हालांकि, जो छात्र निर्धारित अंक नहीं प्राप्त कर पाएंगे, उन्हें 45 दिनों के भीतर पुनः परीक्षा देने का अवसर मिलेगा। वहीं राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की 8वीं कक्षा में 12,86,220 में से 12,45,735 स्टूडेंट पास हुए हैं।

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Published on:
08 Apr 2026 07:27 am
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