जयपुर

Rajasthan Panchayat-Nikay Election: अब 2 से अधिक संतान वाले भी लड़ सकेंगे चुनाव, नया कानून लागू

Rajasthan Panchayat-Local Body Election Update: प्रदेश में 2 से अधिक संतान वालों के लिए खुशखबर है, प्रदेश में 2 से ज्यादा संतान वालों को पंचायत एवं निकाय चुनाव लड़ने से रोकने वाला 32 वर्ष पुराना कानून अब समाप्त हो गया है। यानि अब दो से अधिक संतान वाले भी पंचायत और निकाय चुनाव लड़ सकेंगे।
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Mar 28, 2026
पत्रिका फाइल फोटो
पत्रिका फाइल फोटो

Rajasthan Panchayat-Nikay Election Update: प्रदेश में 2 से अधिक संतान वालों के लिए खुशखबर है, प्रदेश में 2 से ज्यादा संतान वालों को पंचायत एवं निकाय चुनाव लड़ने से रोकने वाला 32 वर्ष पुराना कानून अब समाप्त हो गया है। यानि अब दो से अधिक संतान वाले भी पंचायत और निकाय चुनाव लड़ सकेंगे। राज्य सरकार ने नया कानून तत्काल प्रभाव से लागू करने की अधिसूचना जारी कर दी है। वहीं, वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट के लिए वित्त विधेयक 2026 लागू होने की अधिसूचना भी जारी हो गई है।

भैरोसिंह शेखावत सरकार के समय लगाई पाबंदी समाप्त

पंचायत-निकाय चुनाव में दो से अधिक संतान वालों के प्रत्याशी बनने पर 32 वर्ष पहले भैरोसिंह शेखावत सरकार के समय पाबंदी लगाई गई थी, जो नया कानून लागू होने से अब प्रभावी नहीं रह गई है। नगरपालिका अधिनियम में संशोधन से अब कानून में कुष्ठ को लाइलाज मानने वाला प्रावधान भी समाप्त कर दिया गया है।

यह नियम तीन दशक पहले तत्कालीन मुख्यमंत्री भैरोसिंह शेखावत की सरकार ने जनसंख्या नियंत्रण के उद्देश्य से लागू किया था। इसके तहत पंच, सरपंच, पंचायत समिति सदस्य, जिला परिषद सदस्य और नगर निकाय पार्षद पद के लिए दो से अधिक संतान वालों को अयोग्य घोषित किया गया था। ग्रामीण क्षेत्रों में बड़े परिवार आम होने के कारण इसका व्यापक असर पड़ा और कई प्रभावशाली जमीनी नेता राजनीति से बाहर हो गए।

परोक्ष राजनीति का अंत

इस नियम के चलते पूर्व में कई नेताओं ने अपने स्थान पर परिजनों को चुनाव लड़वाया। कागजों में प्रतिनिधि कोई और होता था, जबकि निर्णय पुराने नेता ही लेते थे। इससे पंचायतों में परोक्ष शासन की स्थिति बनी रही। अब रोक हटने से वे स्वयं मैदान में उतर सकेंगे। इससे पारदर्शिता बढ़ने और मतदाता को सीधे निर्णय लेने वाले व्यक्ति को चुनने का अवसर मिलने की उम्मीद है।

अशांत क्षेत्र विधेयक जाएगा राष्ट्रपति के पास

"राजस्थान विक्षुब्ध क्षेत्रों में स्थावर संपत्ति के अंतरण का प्रतिषेध और परिसरों से किरायेदारों को बेदखली से संरक्षण के लिए उपबंध विधेयक 2026" को मंजूरी के लिए राष्ट्रपति के पास भेजा जाएगा। इस विधेयक को अशांत क्षेत्र विधेयक के नाम से जाना जाता है।
इसमें दंगा या सामुदायिक तनाव वाले इलाकों में जमीन और मकानों की खरीद-फरोख्त पर सख्ती के प्रावधान हैं। इन प्रावधानों में संपत्ति की रजिस्ट्री का विषय भी जुड़ा हुआ है, जो कि केंद्रीय कानून से प्रभावित है। ऐसे में इस विधेयक को राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद ही कानून के रूप में लागू किया जा सकेगा।

ये नए कानून भी लागू

  • अजमेर में राजस्थान योग, आयुर्वेद व नेचुरोपैथी विश्वविद्यालय
  • जयपुर में महाराणा प्रताप खेल विश्वविद्यालय
  • राजस्थान जन विश्वास (प्रावधानों का संशोधन) अधिनियम
  • राजस्थान दुकान एवं वाणिज्यिक प्रतिष्ठान (संशोधन) अधिनियम
  • वित्त विधेयक 2026
  • विनियोग विधेयक 2026
Updated on:
28 Mar 2026 07:22 am
Published on:
28 Mar 2026 07:22 am
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