जयपुर

राजस्थान के किसानों को केंद्र की बड़ी सौगात, इन फसलों की रिकॉर्ड खरीद के लिए 9,436 करोड़ की मंजूरी

केंद्र सरकार ने खरीफ 2025-26 के लिए राजस्थान व आंध्रप्रदेश से प्राप्त PSS व MIS प्रस्तावों को मंजूरी दी। राजस्थान में मूंग, उड़द, मूंगफली और सोयाबीन की रिकॉर्ड 9,436 करोड़ रुपए की खरीद होगी। इससे लाखों किसान लाभान्वित होंगे।
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Nov 19, 2025
Rajasthan Farmer
राजस्थान के किसानों को बड़ी सौगात (फोटो- पत्रिका)

जयपुर: किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) सुनिश्चित कराने और उन्हें बाजार जोखिम से सुरक्षा प्रदान करने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा निर्णय लिया है। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में किसान हितैषी नीति के अंतर्गत खरीफ 2025-26 के लिए राजस्थान और आंध्रप्रदेश से प्राप्त मूल्य समर्थन योजना (PSS) एवं बाजार हस्तक्षेप योजना (MIS) के प्रस्तावों को स्वीकृति प्रदान की।

बता दें कि इन स्वीकृत प्रस्तावों का कुल उपज मूल्य 9,700 करोड़ रुपए से अधिक है। यह निर्णय प्रधानमंत्री मोदी के किसान-कल्याण के संकल्प के अनुरूप किसानों को आय सुरक्षा प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से हुई बैठक में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने दोनों राज्यों के मंत्रियों एवं वरिष्ठ अधिकारियों के साथ चर्चा कर राजस्थान के किसानों के लिए चार प्रमुख खरीफ फसलों मूंग, उड़द, मूंगफली और सोयाबीन की रिकॉर्ड स्तर पर खरीद को मंजूरी दी।

राजस्थान के लिए देश की सबसे बड़ी खरीद योजना

राजस्थान के लिए स्वीकृत खरीदी मात्रा देश की सबसे बड़ी खरीद पहलों में से एक है। स्वीकृत कुल मात्रा इस प्रकार है…
मूंग : 3,05,750 मीट्रिक टन
उड़द : 1,68,000 मीट्रिक टन (100%)
मूंगफली : 5,54,750 मीट्रिक टन
सोयाबीन : 2,65,750 मीट्रिक टन

इनका कुल एमएसपी मूल्य लगभग 9,436 करोड़ रुपए निर्धारित किया गया है। बैठक में बताया गया कि राज्य सरकार ने पास-आधारित आधार प्रमाणीकरण प्रणाली लागू करने की तैयारी पूरी कर ली है। इससे राज्य के लाखों किसानों को सीधा लाभ मिलेगा।

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि “किसानों को उपज का उचित मूल्य दिलाना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।” उन्होंने राज्यों को खरीद व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश देते हुए स्पष्ट कहा कि किसानों को भुगतान में किसी भी प्रकार की देरी या गड़बड़ी नहीं होनी चाहिए।

कृषि मंत्रालय ने निर्देश दिए हैं कि…

-खरीद केंद्रों पर आधार-सक्षम डिवाइस उपलब्ध हों
-किसान पंजीकरण और भुगतान डीबीटी प्रणाली से हो
-एफपीओ/एफपीसी को अधिक जिम्मेदारी देकर किसानों को संगठित बाजार उपलब्ध कराए जाएं
इन कदमों से किसानों की उपज का उचित मूल्य सुनिश्चित होगा और उनकी आय में स्थायी वृद्धि की संभावना बनेगी।

Updated on:
19 Nov 2025 08:42 am
Published on:
19 Nov 2025 08:42 am
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