जयपुर

Rajasthan Farmers: किसान रजिस्ट्री में राजस्थान की बड़ी उपलब्धि, 90.19 लाख किसान आईडी का लक्ष्य शत-प्रतिशत पूरा

Farmer Registry Rajasthan: डिजिटल कृषि में राजस्थान ने रचा नया अध्याय, 99 प्रतिशत गांव जियो-रेफरेंस्ड। 2.72 करोड़ भू-खण्डों का डिजिटल क्रॉप सर्वे, किसान आईडी से योजनाओं का लाभ होगा आसान।
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Sep 28, 2026
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Kisan ID: जयपुर. राजस्थान ने कृषि क्षेत्र में डिजिटल व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। प्रदेश ने केंद्र सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय की ओर से निर्धारित 90.19 लाख किसान आईडी के लक्ष्य को शत-प्रतिशत पूरा कर लिया है। इसके साथ राजस्थान उत्तर भारत में 100 प्रतिशत किसान आईडी लक्ष्य हासिल करने वाला पहला और देश का छठा राज्य बन गया है।
वर्ष 2015-16 की कृषि गणना में प्रदेश में 76.54 लाख परिचालित जोत दर्ज थीं।

इनके मुकाबले किसान आईडी की उपलब्धि करीब 118 प्रतिशत पहुंच गई है। इस आधार पर राजस्थान देश में तीसरे स्थान पर है। किसान आईडी को आधार और भूमि अभिलेखों से जोड़ने के साथ जन आधार से भी जोड़ा गया है। करीब 83 लाख किसान जन आधार में किसान आईडी के साथ जुड़े हैं।


राज्य में लगभग 99 प्रतिशत गांवों का भू-संदर्भीकरण पूरा हो चुका है। वहीं रबी 2025-26 के दौरान 2.72 करोड़ से अधिक भू-खण्डों पर डिजिटल फसल सर्वे किया गया। प्रदेश के कुल बोए गए क्षेत्र का करीब 62 प्रतिशत हिस्सा किसान आईडी के दायरे में आ चुका है। प्रधानमंत्री किसान योजना के लगभग 50 लाख लाभार्थियों को भी किसान आईडी से जोड़ा गया है।


किसान आईडी के जरिए किसान की डिजिटल पहचान को उसकी कृषि भूमि और फसल संबंधी जानकारी से जोड़ा जा रहा है। इससे कृषि योजनाओं में पात्र लाभार्थियों की पहचान, उर्वरक और बीज वितरण, सूक्ष्म सिंचाई, कृषि उपकरण, फसल बीमा तथा न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद जैसी व्यवस्थाओं को अधिक लक्षित बनाने में मदद मिलेगी।


राज्य में एग्रीस्टैक आयुक्तालय की स्थापना की जा रही है। एग्रीस्टैक के आंकड़ों को विभिन्न विभागीय योजनाओं से जोड़ा जा रहा है। इससे किसानों को बार-बार समान दस्तावेज देने की जरूरत कम होने और सरकारी सेवाओं की पहुंच आसान होने की संभावना है।

10 प्रमुख उपलब्धियां

क्रमउपलब्धिस्थिति
1किसान आईडी का लक्ष्य90.19 लाख का शत-प्रतिशत लक्ष्य पूरा
2राष्ट्रीय स्थितिउत्तर भारत में पहला, देश में छठा राज्य
3परिचालित जोत के मुकाबले उपलब्धिकरीब 118 प्रतिशत
4किसान आईडी से पीएम-किसान लाभार्थीकरीब 50 लाख
5बोया गया क्षेत्रकरीब 62 प्रतिशत क्षेत्र कवर
6गांवों का भू-संदर्भीकरणकरीब 99 प्रतिशत पूरा
7डिजिटल फसल सर्वे2.72 करोड़ से अधिक भू-खण्ड
8जन आधार से जुड़ावकरीब 83 लाख किसान
9डिजिटल एकीकरणआधार, भूमि रिकॉर्ड, पीएम-किसान व अन्य कृषि योजनाओं से जुड़ाव
10विशेष अभियान1 से 30 सितंबर 2026 तक छूटे किसानों को जोड़ने का अभियान

कृषि विभाग के अनुसार, छूटे हुए पात्र किसानों को किसान आईडी से जोड़ने के लिए 1 से 30 सितंबर तक विशेष अभियान चलाया जा रहा है। अभियान में कृषि पर्यवेक्षकों की भागीदारी, पीएम-किसान लाभार्थियों को सूचना और अन्य स्तरों पर सत्यापन की व्यवस्था की गई है।

Updated on:
28 Sept 2026 02:28 pm
Published on:
28 Sept 2026 02:28 pm