जयपुर

Rajasthan Farmers : राजस्थान के किसानों का बदला ट्रेंड, इस फ्रूट को एक बार लगाएं, 20 साल तक लाखों रुपए कमाएं

Rajasthan Farmers : राजस्थान के कुछ क्षेत्रों में किसानों का ट्रेंड बदला रहा है। ड्रैगन फ्रूट एक ऐसा पौधा है जो एक बार लगने के बाद 20 से 25 वर्षों तक फल देता है। इससे कम लागत में लाखों रुपए का मुनाफा कमा सकते हैं।
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Rajasthan Farmers change Trends This Dragons Fruit Plant Once Earn Rs Lakhs for 20 Years
फाइल फोटो पत्रिका

Rajasthan Farmers : पारम्परिक फसलों के बजाय अब किसान भाई बागवानी की ओर रुख कर रहे हैं। इसमें ड्रैगन फ्रूट (जिसे कमलम' भी कहते हैं) पसंदीदा फसल बनकर राज्य में उभरी रही है। यह पौधा कैक्टस प्रजाति का होने के कारण इसे बहुत कम पानी की आवश्यकता होती है, जिससे यह सूखे या कम बारिश वाले क्षेत्रों के लिए वरदान है। एक बार लग जाने के बाद यह पौधा 20 से 25 वर्षों तक फल देता है। इससे यह लंबे समय के लिए एक सुरक्षित निवेश है।

मिट्टी का चुनाव

ड्रैगन फ्रूट की खेती के लिए शुष्क और गर्म जलवायु सबसे बेहतर मानी जाती है। भारत के अधिकांश हिस्सों में इसे आसानी से उगाया जा सकता है। रेतीली दोमट मिट्टी जिसमें जल निकासी की अच्छी व्यवस्था हो, इसके लिए सर्वोत्तम है। मिट्टी का पीएच मान 5.5 से 7 के बीच होना चाहिए। जलभराव वाले क्षेत्रों में इसकी खेती से बचें, क्योंकि ज्यादा पानी से इसकी जड़े गलने का खतरा रहता है।

रोपण की तकनीक

ड्रैगन फ्रूट एक बेलनुमा पौधा है, इसे बढ़ने के लिए सहारे की जरूरत होती है। सहारे के लिए आमतौर पर खेत में 7 से 8 फीट ऊंचे कंकरीट के खंभे लगाए जाते हैं। खंभे के ऊपर एक गोलाकार रिंग लगाई जाती है, ताकि पौधे की शाखाएं छत्तरी की तरह फैल सकें। एक खंभे से दूसरे खंभे की दूरी लगभग 8 से 10 फीट हो। आमतौर पर एक खंभे के चारों ओर 4 पौधे लगाए जाते हैं। पौधा लगाने के 12 से 15 महीने बाद फल देना शुरू कर देता है।

ये हैं प्रमुख किस्में

बाजार में ड्रैगन फ्रूट की मुख्य रूप से तीन किस्मों की सबसे अधिक मांग रहती है। सफेद गूदा और गुलाबी त्वचा यह सबसे सामान्य किस्म है। लाल/गुलाबी गूदा और गुलाबी त्वचा यह अपनी मिठास और पोषक तत्त्वों के कारण महंगी बिकती है। पीली त्वचा और सफेद गूदा यह किस्म काफी दुर्लभ और प्रीमियम मानी जाती है। किसान डेगन फूट के पौधे नर्सरी से खरीद सकते हैं या पुरानी बेल की कटिंग से खुद भी पौधा तैयार कर सकते हैं।

उर्वरक और सिंचाई

ड्रैगन फ्रूट को कम रासायनिक उर्वरकों की जरूरत होती है। इसकी फसल को रोपण के समय और साल में दो बार गोबर की खाद या वर्मीकम्पोस्ट देना लाभकारी है। इसके लिए ड्रिप इरिगेशन सबसे उत्तम है। फंगस बचाव के लिए ईमीडाक्लोरपिंड 0.3 फीसदी छिड़कें।

जून से नवंबर के बीच आते हैं फल

इसमें जून से नवंबर के बीच फल आते हैं। एक एकड़ में करीब 400 से 500 खंभे लगा सकते हैं। पूरी तरह विकसित होने पर एक खंभे से 15 से 25 किलो फल मिल सकते हैं। किसान एक एकड़ से सालाना 5 से 8 लाख रुपए तक की शुद्ध आय प्राप्त कर सकते हैं।
बीआर. कड़वा, सेनि. संयुक्त निदेशक उद्यान, जयपुर

Updated on:
09 Apr 2026 01:58 pm
Published on:
09 Apr 2026 01:58 pm