
पत्रिका फाइल फोटो
CLAP App: जयपुर. राज्य सरकार ने रबी 2025-26 में बेमौसम बारिश, ओलावृष्टि और अन्य प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित किसानों को शीघ्र राहत देने के लिए पोस्ट हार्वेस्ट हानि सर्वे में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। कृषि आयुक्त नरेश कुमार गोयल ने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत किसानों के क्लेम का समयबद्ध निपटान सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
कृषि आयुक्त ने सभी बीमा कंपनियों—एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी ऑफ इंडिया, इंडसइंड जनरल इंश्योरेंस और क्षेमा जनरल इंश्योरेंस—को निर्देश दिए हैं कि किसानों द्वारा दर्ज पोस्ट हार्वेस्ट लॉस इंटीमेशन का नियत समय में सर्वे पूरा करना अनिवार्य है। बिना ठोस कारण के किसी भी इंटीमेशन को रिजेक्ट करना पूरी तरह अस्वीकार्य होगा। यदि कोई क्लेम गलत तरीके से खारिज किया जाता है तो उसकी जिम्मेदारी संबंधित बीमा कंपनी की होगी। साथ ही, रिजेक्ट मामलों की विस्तृत रिपोर्ट जिला स्तर पर प्रस्तुत करनी होगी।
आयुक्त ने कहा कि केवल खेत में फसल न मिलने के आधार पर सर्वे को खारिज करना उचित नहीं है। ऐसे मामलों में परिस्थितिजन्य साक्ष्य, कृषि पर्यवेक्षक की रिपोर्ट और अन्य तथ्यों के आधार पर नुकसान का आकलन किया जाएगा। ‘डाउट ऑफ बेनिफिट’ का लाभ किसानों को दिया जाएगा, ताकि वे किसी भी स्थिति में नुकसान से वंचित न रहें। यह निर्णय किसानों के हितों की रक्षा के लिए महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
सभी सर्वे CLAP ऐप के माध्यम से किए जाएंगे और ऑफलाइन सर्वे को भी अनिवार्य रूप से पोर्टल पर अपलोड करना होगा। इससे पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और जवाबदेह बनेगी। कृषि विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे सर्वे कार्य की नियमित निगरानी करें और समय पर अनुमोदन सुनिश्चित करें। साथ ही, बीमा कंपनियों के सर्वेयर के साथ कृषि पर्यवेक्षक की उपस्थिति भी अनिवार्य की गई है।
राज्य सरकार का स्पष्ट संदेश है कि किसानों के हित में किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। बेमौसम आपदाओं से प्रभावित किसानों को शीघ्र और उचित मुआवजा दिलाने के लिए हर स्तर पर सख्त निगरानी रखी जा रही है, ताकि उन्हें समय पर आर्थिक संबल मिल सके।
Updated on:
12 Apr 2026 10:28 am
Published on:
12 Apr 2026 10:28 am
