जयपुर

Rajasthan: 5 लाख में सौदा कर वनरक्षक भर्ती में दिलाई डमी कैंडिडेट से परीक्षा, दोनों आरोपी गिरफ्तार

राजस्थान की वनरक्षक भर्ती परीक्षा-2020 में डमी अभ्यर्थी बैठाने के मामले में SOG ने भरतपुर के भारत मीणा और जालोर के दिनेश कुमार विश्नोई को गिरफ्तार किया है। जांच के अनुसार, नौकरी हासिल करने के लिए पांच लाख रुपए में सौदा तय हुआ था।
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Updated: 26 Oct 2026, 3:44 PM IST
Van rakshak bharti
Jaipur: चेक शर्ट में आरोपी दिनेश और व्हाइट शर्ट में भरत मीणा (फोटो-पत्रिका)

जयपुर। राजस्थान में सरकारी नौकरी हासिल करने के लिए भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी का एक और मामला सामने आया है। वनरक्षक सीधी भर्ती परीक्षा-2020 में असली अभ्यर्थी की जगह डमी कैंडिडेट बैठाकर परीक्षा दिलाने के मामले में स्पेशल ऑपरेशन्स ग्रुप (SOG) ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया कि नौकरी हासिल करने के लिए पांच लाख रुपए में सौदा तय किया गया था। इसके बाद डमी अभ्यर्थी ने मूल अभ्यर्थी की जगह परीक्षा केंद्र में पहुंचकर न केवल परीक्षा दी, बल्कि प्रवेश पत्र और उपस्थिति पत्रक पर भी फर्जीवाड़ा किया। SOG अब इस पूरे नेटवर्क की कड़ियां खंगाल रही है।

SOG के अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस विशाल बंसल के अनुसार, राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड, जयपुर की ओर से आयोजित वनरक्षक सीधी भर्ती परीक्षा-2020 में गड़बड़ी को लेकर दर्ज मामले की जांच में यह खुलासा हुआ है। पुलिस ने इस प्रकरण में भरतपुर जिले के भारत मीणा और जालोर जिले के दिनेश कुमार विश्नोई को गिरफ्तार किया है। दोनों को 24 अक्टूबर 2026 को पकड़ा गया था।

दलाल के जरिए 5 लाख में तय हुआ था सौदा

जांच के मुताबिक, भरतपुर जिले के भुसावर थाना क्षेत्र के निठार निवासी भारत मीणा ने वनरक्षक भर्ती परीक्षा के जरिए नौकरी हासिल करने के लिए ठेकड़ा निवासी डालूराम मीणा से संपर्क किया था। इसके बाद पांच लाख रुपए में सौदा तय हुआ। आरोप है कि भारत मीणा की जगह दिनेश कुमार विश्नोई को डमी अभ्यर्थी के रूप में परीक्षा देने के लिए बैठाया गया। डालूराम मीणा ने इस व्यवस्था में मध्यस्थ की भूमिका निभाई।

फोटो और हस्ताक्षर में भी किया फर्जीवाड़ा

SOG की जांच में सामने आया कि जालोर जिले के सांचौर थाना क्षेत्र की साहू की ढाणी निवासी दिनेश कुमार विश्नोई ने परीक्षा केंद्र में भारत मीणा के स्थान पर प्रवेश किया। आरोप है कि उसने प्रवेश पत्र और उपस्थिति पत्रक पर अपना फोटो चस्पा किया तथा भारत मीणा के फर्जी हस्ताक्षर कर परीक्षा दी। इस तरह कथित तौर पर मूल अभ्यर्थी की जगह दूसरे व्यक्ति ने परीक्षा देकर भर्ती प्रक्रिया को धोखा देने की कोशिश की।

SOG खंगाल रही पूरे मामले की कड़ियां

इस मामले में SOG थाना जयपुर में 26 सितंबर 2025 को एफआईआर दर्ज की गई थी। प्रकरण में धोखाधड़ी, जालसाजी, आपराधिक साजिश, सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम और राजस्थान सार्वजनिक परीक्षा (भर्ती में अनुचित साधनों की रोकथाम के उपाय) अधिनियम, 2022 की संबंधित धाराओं के तहत जांच की जा रही है। महानिरीक्षक पुलिस अजयपाल लाम्बा के निर्देशन, उप महानिरीक्षक भुवन भूषण यादव के सुपरविजन और पुलिस अधीक्षक सतनाम सिंह के नेतृत्व में गठित टीम ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया। मामले के अनुसंधान अधिकारी अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुभाष गोदारा की टीम इस प्रकरण की जांच कर रही है।

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26 Oct 2026, 3:44 PM IST
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