जयपुर में अरावली संरक्षण को लेकर युवाओं ने मशाल जुलूस निकालकर जागरुकता दिखाई। ‘सेव अरावली सेव लाइफ’ नारों के साथ एसएमएस स्टेडियम से अमर जवान ज्योति तक रैली निकली। वहीं, नींदड-बैनाड में पर्वत-प्रकृति पूजन कर पौधारोपण किया गया।
जयपुर: अरावली को बचाने के मुद्दे पर बुधवार को शहर के युवा सड़कों पर उतर आए। जलती हुई मशालें हाथों में लेकर सैकड़ों युवाओं ने ‘सेव अरावली सेव लाइफ’ जैसे नारे भी लगाए।
युवा छात्र नेता कार्तिकेय भारद्वाज के नेतृत्व में बुधवार शाम एसएमएस स्टेडियम के गेट से अमर जवान ज्योति तक मशाल जुलूस निकाला गया। भारद्वाज ने कहा कि दिल्ली से लेकर माउंट आबू तक अरावली की वजह से ही हरियालो राजस्थान का सपना हम साकार कर पा रहे हैं। अगर अरावली को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई तो कल को हम स्वच्छ हवा में सांस तक लेने को तरस जाएंगे।
जयपुर का हृदय कहे जाने वाले डोल का बाग की स्थिति सबके सामने है। ऐसे में अपने हक के लिए जेनजी को ही आवाज उठानी पड़ेगी। मशाल रैली में दिल्ली यूनिवर्सिटी के पूर्व अध्यक्ष रौनक खत्री ने बताया कि प्रदेश सहित पूरे देश में इस समय अरावली बचाने के लिए जगह-जगह प्रदर्शन और धरने सहित विभिन्न कार्यक्रम किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में समाजसेवा से जुड़े युवा जेनजी के बैनर तले एकत्र हुए।
जनसमस्या निवारण मंच की ओर से बुधवार को नींदड-बैनाड स्थित अरावली पर्वतमाला पर पर्वत-प्रकृति पूजन कार्यक्रम हुआ। पर्यावरणविद् सूरज सोनी के नेतृत्व में लोगों ने पहाड़ पर पुष्प व रक्षा सूत्र अर्पित कर दीपदान किया और आरती की। इस दौरान नीम, पीपल और करंज के पौधे लगाए।
सोनी ने बताया कि पेड़ व पहाड़ बचाने का जनजागरण अभियान शुरू किया गया है, जो पूरे राजस्थान में सालभर चलेगा। इसमें युवा पीढ़ी को प्रकृति का महत्व बताएंगे और उन्हें पहाड़ों के संरक्षण के लिए प्रेरित करेंगे। इस दौरान लोगों ने अरावली प्रहरी के रूप में प्रकृति व पहाड़ बचाने का संकल्प लिया।