अंतरराष्ट्रीय पैरा आर्चर श्यामसुंदर स्वामी को बिना लिखित सूचना नौकरी से हटाने पर विवाद बढ़ गया था। मीडिया रिपोर्ट के बाद खेल सचिव ने तीन वर्ष की ट्रेनिंग छूट देकर बहाली की सिफारिश की। पैराएशियन गेम्स से पहले सरकार ने हरसंभव मदद का भरोसा दिया।
Paralympian Shyam Sundar Swami: राजस्थान के अंतरराष्ट्रीय पैरा आर्चर श्यामसुंदर स्वामी को बिना कोई लिखित सूचना के सरकार ने नौकरी से निकाल दिया। उनके पिता सब्जी का ठेला लगाते हैं और उनकी नौकरी जाने से परिवार आर्थिक संकट में है।
बता दें कि पिछले पांच महीने से वह दर-दर भटक रहे हैं। जबकि अगले महीने उन्हें पैराएशियन गेम्स में भारत की ओर से खेलना है। ऐसे में पत्रिका ने 17 फरवरी के अंक में ‘परिवार के लिए रोटी का इंतजाम करूं या देश के लिए पदक जीतने जाऊं’ शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया था।
समाचार प्रकाशित होते ही सरकार हरकत में आई और खेल सचिव व अध्यक्ष, राजस्थान राज्य क्रीड़ा परिषद डॉ. नीरज के. पवन ने शिक्षा विभाग को पत्र लिखा और कहा कि जल्द से जल्द श्यामलाल को नौकरी से संबंधित अर्हताएं पूरी करने के लिए 3 वर्ष की छूट प्रदान कर बहाल किया जाए।
वहीं, दूसरी ओर कांग्रेस के खेल प्रकोष्ठ के प्रदर्शन में भी यह मुद्दा छाया रहा और कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने अंतरराष्ट्रीय आर्चर श्यामलाल स्वामी को नौकरी से निकालने पर नाराजगी जताते हुए भाजपा सरकार को घेरा। ज्ञात हो कि श्यामलाल ने भी विभाग को पत्र लिख कहा था कि उसकी ट्रेनिंग अवधि तीन वर्ष बढ़ा दी जाए, जिससे वह भविष्य में सभी अर्हताएं पूरी कर सकें।
खेल सचिव नीरज के. पवन ने कहा कि श्यामसुंदर बहुत ही होनहार पैरा आर्चर हैं और अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में देश का नाम रोशन कर रहे हैं। ऐसे में हम उनकी हरसंभव मदद करेंगे। हमने शासन सचिव, स्कूल एवं शिक्षा विभाग को लिखा है कि अंतरराष्ट्रीय पैरा खिलाड़ी होने के नाते श्यामलाल स्वामी आउट ऑफ टर्न पॉलिसी के तहत मिली नौकरी से संबंधित जो भी अर्हताएं पूरी नहीं कर पाए, उसके लिए उन्हें तीन वर्ष ट्रेनिंग अवधि प्रदान की जाए।
ज्ञात हो कि दो बार के पैरालंपियन और विश्व विजेता पैरा आर्चर बीकानेर निवासी श्यामसुंदर स्वामी को मार्च में एशिया कप में भारत का प्रतिनिधित्व करना है और देश को उनसे स्वर्ण पदक की आस है।