राजस्थान हाईकोर्ट ने 25 वर्ष पहले ऊंची बोली लगाने के बावजूद जमीन का आवंटन नहीं होने के मामले में रीको को राहत देने से इनकार कर दिया।
जयपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने 25 वर्ष पहले ऊंची बोली लगाने के बावजूद जमीन का आवंटन नहीं होने के मामले में रीको को राहत देने से इनकार कर दिया। बोलीदाता के पक्ष में आदेश होने से रीको को झटका लगा है। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजीव प्रकाश शर्मा व न्यायाधीश संगीता शर्मा की खंडपीठ ने इस मामले में रीको की अपील खारिज कर दी।
मामला जयपुर के आकेडा़ क्षेत्र में 13 एकड़ भूमि के आवंटन से जुड़ा है। बोलीदाता कंपनी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता आर.एन. माथुर ने कोर्ट को बताया कि जमीन आवंटन के लिए रीको ने निविदा जारी की, जिसमें मार्च 2001 में करम भूमि एस्टेट ने ऊंची बोली लगाई और दो लाख रुपए जमा करवा दिए। रीको ने बाजार मूल्य से कम बोली बताकर जमीन आवंटन नहीं किया और पुन: निविदा जारी कर दी।
मामला कोर्ट पहुंचने के बाद रीको की इंफ्रास्ट्रक्चर डवलपमेंट कमेटी के पट्टा जारी करने का आश्वासन देने पर बोलीदाता ने याचिका वापस ले ली, लेकिन पट्टा जारी नहीं किया। रीको की ओर से महाधिवक्ता राजेन्द्र प्रसाद ने कहा कि यह वादा करके पीछे हटने का मामला नहीं है। इस मामले में कोर्ट से तथ्य छुपाए गए हैं। हाईकोर्ट ने दोनों पक्ष सुनने के बाद कहा कि रीको अपने वादे से पीछे नहीं हट सकता।
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