जयपुर

Rajasthan Jails : राजस्थान के जेलों में सप्ताह में एक दिन कपड़े धोने की अनुमति पर हाईकोर्ट हैरान, दिए कई निर्देश

Rajasthan Jails : राजस्थान के जेलों में सप्ताह में एक दिन कपड़े धोने की अनुमति पर हाईकोर्ट ने हैरानी जताई। राजस्थान हाईकोर्ट ने कई निर्देश दिए। अब हाईकोर्ट 12 फरवरी को सुनवाई करेगा।
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Court ORder
फाइल फोटो: पत्रिका

Rajasthan Jails : राजस्थान हाईकोर्ट ने जेलों में सप्ताह में एक दिन कपड़े धोने की अनुमति पर हैरानी जताते हुए कहा कि वहां बंद महिला-पुरुष इस स्थिति में कैसे रहते होंगे। जेल लोगों को सुधारने के लिए हैं, वहां अच्छे वातावरण व साफ-सफाई को प्रमुखता दी जानी चाहिए।

इससे वहां स्वास्थ्य ठीक रहने के साथ मन भी स्वस्थ रहेगा। यह वातावरण तैयार करने व जेलों में शिकायत निवारण के लिए राजस्थान सरकार कमेटी बनाए, जिसमें जिला न्यायाधीशों के साथ ही मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट व न्यायिक मजिस्ट्रेट व जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव भी शामिल हों। इन न्यायिक अधिकारियों से तीन सप्ताह के भीतर जेलों का औचक निरीक्षण कर वहां की समस्याएं जानने और अदालत में रिपोर्ट पेश करने को कहा गया है।

अब 12 फरवरी को होगी सुनवाई

कोर्ट ने यह भी आदेश दिया कि समितियों के गठन की सूचना जेल के नोटिस बोर्ड पर लगाई जाए, वहीं जेलों में पर्याप्त पानी की उपलब्धता, स्वच्छता व स्वास्थ्य के लिए पर्याप्त कदम उठाए जाए। अब 12 फरवरी को सुनवाई होगी।

याचिका पर दिया अंतरिम आदेश

न्यायाधीश अनूप कुमार ढंड ने पीपुल्स वॉच राजस्थान की याचिका पर यह अंतरिम आदेश दिया, वहीं केंद्रीय गृह मंत्रालय को पक्षकार बनाया है। याचिका में कहा था कि राजस्थान जेल नियम, 1951 में जेल में सप्ताह में एक बार कपड़े धोने की अनुमति है और जेल प्रशासन की ओर से पुरुष कैदी को प्रति सप्ताह तीन चौथाई औंस और महिला कैदियों को डेढ़ औंस कपड़ा धोने का पाउडर देने का प्रावधान है। इससे व्यक्तिगत स्वच्छता नहीं रह सकती।

वर्ष 2022 में जेल नियमों में संशोधन किया, लेकिन हालात जस के तस हैं। राज्य सरकार की ओर से अधिवक्ता सुमन शेखावत ने कहा कि जेल नियमों के तहत हर कैदी को तय मात्रा में सुविधा उपलब्ध कराई जाती है। ऐसे में अदालत को इसमें हस्तक्षेप करने की जरूरत नहीं है।

जेलों में आवाज उठती है, वह सुनी नहीं जाती

हाईकाेर्ट ने जेलों में रहने वालों की व्यावहारिक कठिनाइयों की अनदेखी करने पर टिप्पणी की है कि वहां रहने वाला कोई अपनी शिकायत बताने की कोशिश भी करता है तो उसकी आवाज सुनी नहीं जाती। यह कल्पना से परे है कि प्रदेश की विपरीत मौसम की परिस्थितियों के बावजूद जेलों में रहने वालों को सप्ताह में एक बार कपड़े धोने की अनुमति कैसे पर्याप्त कही जा सकती है?।

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Published on:
22 Jan 2026 10:10 am