Rajasthan High Court : राजस्थान हाईकोर्ट ने नीमकाथाना से गुजरने वाले स्टेट हाईवे के निर्माण को चुनौती देने वाली करीब 3 साल पुरानी याचिका को खारिज कर दिया, जिससे हाईवे निर्माण का रास्ता साफ हो गया।
Rajasthan High Court : राजस्थान हाईकोर्ट ने नीमकाथाना से गुजरने वाले स्टेट हाईवे के निर्माण को चुनौती देने वाली करीब 3 साल पुरानी याचिका को खारिज कर दिया, जिससे हाईवे निर्माण का रास्ता साफ हो गया। कोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ता के पास भू-खंड का वैध टाइटल तक नहीं है, ऐसे में आधारभूत विकास में किसी की मनमानी नहीं चल सकती। न्यायाधीश अनुरूप सिंघी ने इस मामले में ओमप्रकाश को राहत देने से इनकार कर दिया। याचिका के अनुसार याचिकाकर्ता का करीब 401 वर्गगज का भू-खंड है, स्टेट हाईवे की दिशा बदलने से यह भी दायरे में आ गया।
सरकार की ओर से अधिवक्ता धीरज त्रिपाठी ने कहा कि नीमकाथाना से गुजरने वाले स्टेट हाईवे का निर्माण किया जा रहा है, जिसके लिए सार्वजनिक निर्माण विभाग ने स्टेट हाईवे अथॉरिटी के जरिए ऋण लिया। त्रिपाठी ने कहा कि हाइवे की दिशा में कोई बदलाव नहीं किया गया है, वहीं याचिकाकर्ता के पास तो भू-खंड का टाइटल तक नहीं है।
कोर्ट ने कहा कि स्टेट हाईवे का निर्माण आधारभूत ढांचा विकास के लिए महत्वपूर्ण है, वहीं याचिकाकर्ता के पास भू-खंड का वैध टाइटल भी नहीं। इस निर्माण में मनमानी का तत्व भी नहीं है, इस कारण दखल नहीं किया जा सकता। ।
हाईकोर्ट के इस आदेश के बाद नीमकाथाना से गुजरने वाले स्टेट हाईवे रोड़ का कार्य और सुचारू रूप से हो सकेगा। इसी बीच राजस्थान के लिए एक और खुशखबरी है। राजस्थान के दक्षिण द्वार कहे जाने वाले उदयपुर-रतनपुर-शामलाजी सेक्शन पर अब सफर और भी सुगम होने वाला है। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने सोशल मीडिया के माध्यम से जानकारी साझा करते हुए बताया कि उदयपुर के खेरवाड़ा कस्बे में एलिवेटेड कॉरिडोर के निर्माण के लिए 363.89 करोड़ रुपए की प्रशासनिक स्वीकृति जारी कर दी गई है। यह परियोजना न केवल खेरवाड़ा शहर के भीतर ट्रैफिक के दबाव को कम करेगी, बल्कि गुजरात-राजस्थान सीमा पर होने वाले सड़क हादसों पर भी लगाम लगाएगी।
खेरवाड़ा शहर एनएच-48 पर स्थित एक प्रमुख व्यावसायिक केंद्र है। उदयपुर से अहमदाबाद जाने वाले भारी वाहनों और स्थानीय ट्रैफिक के एक ही सड़क पर होने के कारण यहां आए दिन जाम की स्थिति बनी रहती थी। स्थानीय नागरिक लंबे समय से यहाँ एक 'ऊंची संरचना' या एलिवेटेड रोड की मांग कर रहे थे। केंद्रीय सड़क, परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि यह परियोजना जनता की इसी मांग को ध्यान में रखकर तैयार की गई है।