मंत्री कटारिया को लगानी पड़ी गुहार, गृहमंत्री कटारिया हुए बे'कार', करनी पड़ी स्कूटर की सवारी
जयपुर/उदयपुर।
कहते हैं एक बार नेता बन जाओ, फिर तो आपके आगे-पीछे गाड़ी-घोड़ों की लाइन लग जाएगी। आपके एक इशारे पर गाड़ियों की कतार लग जाएगी। लेकिन सोमवार को उदयपुर में कुछ ऐसा हुआ कि राजस्थान सरकार के एक काबिना मंत्री गाड़ी के लिए गुहार लगाते नजर आए। वाकया ऐसा हुआ कि राज्य का गृह मंत्रालय संभालने वाले कटारिया कार को तरस से गए।
दरअसल, प्रदेश के गृहमंत्री कटारिया उदयपुर के नाड़ाखाड़ा पहुंचे थे। यहां पार्किंग से धानमंडी को लिंक करने वाली सड़क को देखकर कटारिया को बड़ा अफसोस हुआ। नाराज गृहमंत्री ने महापौर और निर्माण समिति अध्यक्ष को इसे जल्द से जल्द दुरुस्त कराने के निर्देश दिए। इस बीच कुछ ऐसा हुआ कि कटारिया वहां अपनी कार के लिए गुहार लगाने लगे।
कटारिया अपनी सरकारी गाडी का नाडाखाडा पार्किंग में इंतजार कर रहे थे। काफी देर तक गाड़ी नहीं आई तो पता चला कि सड़क पर चढ़ाई ज्यादा है इसलिए गाड़ी नहीं आ सकेगी। कटारिया ने कहा कि गाड़ी बुलाओ भाई, मैं कोई फुर्सत पसंद आदमी नहीं हूं। एक-एक मिनट का उपयोग करता हूं। इतने पर भी जब कार नहीं आई तो कटारिया को स्कूटर पर सवार होकर जाना पड़ा।
इस सड़क के हालात देखकर खुद कटारिया ने कहा कि पार्किंग से धानमंडी तक जो सडक़ लिंक करने के लिए बनाई, उसे इतनी ऊंची और चढ़ाईदार बना दी कि गाड़ी निकालें तो कैसे? दोनों तरफ से लेवल तो करना चाहिए था। कटारिया ने निगम में महापौर चन्द्रसिंह कोठारी और निर्माण समिति अध्यक्ष अध्यक्ष पारस सिंघवी से कहा कि इसे जल्दी ठीक करो।
सवाल ये नहीं है कि कटारिया को कार नहीं मिल पाई। सवाल ये है कि ऐसी सड़कें ही क्यों बनाई जाती हैं जो लोगों के काम भी ना आ सकें। बिना किसी तकनीकी पहलू को ध्यान में रखी गई ये सड़कें ना सिर्फ सरकारी पैसे की बर्बादी है बल्कि कई बार जानलेवा साबित भी हो जाती है। ऐसे में इस वाकये से अब उम्मीद यही की जा सकती है कि मंत्री जी की डांट का असर जल्द से जल्द अधिकारियों पर हो और लोगों की तकलीफ दूर हो।