मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में 'राजस्थान औद्योगिक पार्क प्रोत्साहन नीति-2026' को मंजूरी मिल गई है। यह नीति न केवल निवेश के नए द्वार खोलेगी, बल्कि प्रदेश के लाखों युवाओं के लिए रोजगार के सुनहरे अवसर भी पैदा करेगी।
राजस्थान की अर्थव्यवस्था को नई गति देने और औद्योगिक परिदृश्य को पूरी तरह बदलने के लिए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने 'राजस्थान औद्योगिक पार्क प्रोत्साहन नीति-2026' का ऐतिहासिक ऐलान किया है। इस नीति का मुख्य उद्देश्य प्रदेश में विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचे का निर्माण करना और निजी डेवलपर्स को औद्योगिक पार्क विकसित करने के लिए प्रोत्साहित करना है।
राज्य सरकार अब तक 34 से अधिक नीतियां लागू कर चुकी है, लेकिन यह नई नीति 'राइजिंग राजस्थान' के सपने को हकीकत में बदलने वाला सबसे मजबूत स्तंभ मानी जा रही है।
इस नीति के तहत औद्योगिक पार्कों का विकास चार विशिष्ट मॉडलों (A, B, C, D) पर आधारित होगा, ताकि हर स्तर के विकासकर्ता को मौका मिल सके:
सरकार ने निजी डेवलपर्स के लिए खजाना खोल दिया है। प्रथम 10 औद्योगिक पार्क विकसित करने वालों को भारी पूंजीगत अनुदान (Capital Grant) मिलेगा:
नई नीति में पर्यावरण संरक्षण (Green Development) का विशेष ध्यान रखा गया है। औद्योगिक प्रदूषण को कम करने के लिए 'कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट' (CETP) पर होने वाले खर्च का 50 प्रतिशत (अधिकतम ₹12.5 करोड़ प्रति पार्क) सरकार वहन करेगी। यह कदम राजस्थान को 'सतत विकास' (Sustainable Development) की सूची में सबसे आगे खड़ा करेगा।
औद्योगिक पार्क के पास बुनियादी सुविधाओं को सुदृढ़ करने की जिम्मेदारी भी सरकार ने उठाई है:
इज ऑफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा देने के लिए पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया गया है: