
Food Security Scheme Update : जयपुर जिले में खाद्य सुरक्षा योजना के तहत जरूरतमंद लाभार्थियों के लिए गेहूं का मिलना आसान होता नहीं दिख रहा है। जिले में जयपुर शहर सहित ग्रामीण इलाकों में 1900 राशन दुकानों पर महीनेभर से लाभार्थियों के वेइंग मशीन से बायोमैट्रिक सत्यापन में दिक्कत आ रही है। डीलर्स ने वैकल्पिक व्यवस्था के तहत लाभार्थियों को गेहूं देने के लिए दुकानों पर विभाग की ओर से उपलब्ध कराए गए आइरिस स्कैनर से सत्यापन शुरू किया। परंतु इन स्कैनर से लाभार्थियों के बायोमैट्रिक सत्यापन नहीं हो रहे।
लाभार्थियों का सत्यापन नहीं होने से गेहूं वितरण का काम ठप है। पत्रिका ने जयपुर जिले के ग्रामीण क्षेत्रों के डीलर्स से बात की तो उन्होंने कहा कि विभाग की ओर से 8 हजार रुपए में आइरिस स्कैनर कुछ समय पहले ही खरीदे गए थे, लेकिन अब ये काम ही नहीं कर रहे। जबकि बाजार में 8 हजार रुपए से भी कम में मिलने वाले आईरिश स्कैनर कई साल तक खराब नहीं होते हैं। ऐसे में विभाग में 62 करोड़ की वेइंग मशीन व आइरिस स्कैनर की खरीद को लेकर चर्चाएं हो रही हैं और सवाल खडे़ हो रहे हैं।
अखिल भारतीय उचित मूल्य दुकानदार फेडरेशन के अध्यक्ष डिंपल शर्मा ने कहा कि बायोमैट्रिक सत्यापन नहीं होने से लाभार्थी और राशन डीलर दोनों ही परेशान हो रहे हैं। आइरिस स्कैनर से सत्यापन की कोशिश की, लेकिन इनसे सत्यापन नहीं हो पा रहा है। इस वजह से लाभार्थी गेहूं लेने से वंचित हो रहे हैं। ऐसे में लाभार्थियों के हक का गेहूं लैप्स हो जाएगा।