Rajasthan News : राजस्थान का एक और बच्चा युवराज दुर्लभ बीमारी स्पाइनल मस्कुलर एट्रॉफी से जूझ रहा है। इसकी उम्र चार माह है। युवराज को बचाने के लिए 17.5 करोड़ रुपए के इंजेक्शन की जरूरत है। बेटे के इलाज के लिए माता-पिता मदद की गुहार लगा रहे हैं।
Rajasthan News : चार महीने के मासूम युवराज दुर्लभ जेनेटिक बीमारी स्पाइनल मस्कुलर एट्रॉफी (एसएमए) टाइप-1 से जूझ रहा है। इस गंभीर बीमारी के इलाज के लिए जोलगेनेस्मा इंजेक्शन जरूरी है, जिसकी कीमत करीब 17.5 करोड़ रुपए है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवार के लिए इतनी बड़ी राशि जुटाना असंभव हो रहा है। युवराज के पिता मनीष कुमार, जो उत्तर-पश्चिम रेलवे के जोधपुर जोन में सहायक ट्रैक मशीन पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने बताया कि 26 दिसंबर को अचानक बेटे की तबीयत बिगड़ी। जयपुर के रेलवे अस्पताल में प्राथमिक इलाज के बाद, उसे निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों को एसएमए का संदेह हुआ। 29 जनवरी को जांच रिपोर्ट में इसकी पुष्टि हुई। डॉक्टरों ने इलाज के लिए 17.5 करोड़ रुपए के इंजेक्शन की जरूरत बताई, जिसे सुनकर परिवार स्तब्ध रह गया। इससे पहले 'हृदयांश' का भी कुछ इस तरह का ही मामला था।
परिवार मुख्यमंत्री और रेलवे बोर्ड से मदद की गुहार लगा चुका है। क्राउड फंडिंग के जरिए अब तक सिर्फ 7 लाख रुपए जुट पाए हैं। मनीष ने बताया कि अगर 8 करोड़ रुपए एकत्र हो जाएं, तो दवा कंपनी किस्तों में इंजेक्शन देने को तैयार है। सोशल मीडिया के जरिये भी लोगों से मदद की अपील की जा रही है।
परिजन के अनुसार, युवराज के हाथ-पैर में कोई हलचल नहीं होती और उसे बार-बार निमोनिया हो जाता है और सांस लेने में तकलीफ हो रही है। 11 दिन आइसीयू में रहने के बाद पांच फरवरी को अस्पताल से छुट्टी मिली। अब परिजन उसे जोधपुर स्थित एम्स में इलाज के लिए ले जाने की तैयारी कर रहे हैं।