Police-Leaders Agreement: इस वार्ता में पुलिस आयुक्त बीजू जॉर्ज, डीसीपी ईस्ट तेजस्विनी गौतम, कैबिनेट मंत्री झाबरमल खर्रा, कन्हैया लाल चौधरी, विधायक कुलदीप धनखड़, भाजपा प्रवक्ता लक्ष्मीकांत भारद्वाज, पूर्व कैबिनेट मंत्री लालचंद कटारिया और सुभाष महरिया, एमपी हनुमान बेनीवाल सहित अन्य प्रमुख नेता उपस्थित थे। लंबी चर्चा के बाद चार प्रमुख मांगों पर सहमति बनी।
Tejaji Murti Vandalism Jaipur: 29 मार्च 2025 को जयपुर के प्रताप नगर क्षेत्र में वीर तेजाजी महाराज की मूर्ति खंडित होने की घटना सामने आई, जिससे स्थानीय समुदाय में गहरा आक्रोश फैल गया। इस घटना के विरोध में युवाओं ने प्रदर्शन किया, जिसके परिणामस्वरूप पुलिस ने 19 लोगों को हिरासत में लिया। इस मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी को भी अरेस्ट कर लिया है और उसके बाद अशोक नगर पुलिस थाने में भी बड़ी बैठक हुई है।
दरअसल अशोक नगर थाने में उन लोगों को छोड़ने के लिए बैठक की गई जिन लोगों को प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने हिरासत में लिया था। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए, देर रात अशोक नगर थाने में उच्च स्तरीय वार्ता आयोजित की गई।
इस वार्ता में पुलिस आयुक्त बीजू जॉर्ज, डीसीपी ईस्ट तेजस्विनी गौतम, कैबिनेट मंत्री झाबरमल खर्रा, कन्हैया लाल चौधरी, विधायक कुलदीप धनखड़, भाजपा प्रवक्ता लक्ष्मीकांत भारद्वाज, पूर्व कैबिनेट मंत्री लालचंद कटारिया और सुभाष महरिया, एमपी हनुमान बेनीवाल सहित अन्य प्रमुख नेता उपस्थित थे। लंबी चर्चा के बाद चार प्रमुख मांगों पर सहमति बनी।
— प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिए गए 19 लोगों को रिहा किया जाएगा।
— खंडित मूर्ति को प्रशासन द्वारा पुनर्स्थापित किया जाएगा।
— दोषियों की गिरफ्तारी कर उन्हें सख्त सजा दिलाई जाएगी।
— भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रशासन कठोर कदम उठाएगा।
इस बीच नागौर से सांसद हनुमान बेनीवाल दिल्ली से सीधे अशोक नगर थाने पहुंचे, जहां उन्होंने हिरासत में लिए गए युवाओं की रिहाई के लिए प्रयास किए। उन्होंने कहा कि जल्द ही प्रताप नगर में फिर से तेजा मंदिर में महाराज की मूर्ति की स्थापना की जाएगी। बताया जा रहा है कि आज ही बड़ा आयोजन करने की तैयारी है।
कैबिनेट मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने इस घटना पर कहा कि दोषियों को पकड़ लिया गया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि आर्थिक स्थिति खराब होने के कारण और शराब के नशे में आरोपियों ने यह कृत्य किया है। हांलाकि पुलिस अन्य तमाम एंगल से भी जांच कर रही है। यह घटना राजस्थान में मूर्ति खंडित करने की बढ़ती घटनाओं की कड़ी में एक और उदाहरण है। पिछले कुछ महीनों में राज्य के विभिन्न हिस्सों में हिंदू देवी-देवताओं की मूर्तियों को खंडित करने की घटनाएं सामने आई हैं, जिससे समुदाय में रोष व्याप्त है।