जयपुर

Good News: जयपुर बनेगा उत्तर भारत का पहला रोबोटिक इम्प्लांट हब, OSECON में तय हुआ भविष्य का रोडमैप

राजधानी जयपुर अब दंत चिकित्सा की दुनिया में नई पहचान बना रहा है। शहर के एक होटल में चल रही ओएसइकॉन-2025 के दूसरे दिन अंतरराष्ट्रीय पैनल में इमीडिएट लोड इम्प्लांट डेंटिस्ट्री और रोबोटिक इम्प्लांट सर्जरी को भविष्य की दिशा बताते हुए जयपुर को इसके प्रमुख केंद्र के रूप में मान्यता दी गई।
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Updated: 2 Nov 2025, 9:22 AM IST
Jaipur Robotic Implant Surgery
Jaipur Robotic Implant Surgery

Jaipur Robotic Implant Surgery: जयपुर: गुलाबी नगर अब दंत चिकित्सा के क्षेत्र में नई पहचान बना रहा है। शहर में आयोजित ओएसइकॉन-2025 के दूसरे दिन शनिवार को अंतरराष्ट्रीय पैनल ने इमीडिएट लोड इम्प्लांट डेंटिस्ट्री और रोबोटिक इम्प्लांट सर्जरी को भविष्य की दिशा बताते हुए जयपुर को इस तकनीक का प्रमुख केंद्र घोषित किया।


बता दें कि विशेषज्ञों का कहना था कि रोबोटिक तकनीक से दंत प्रत्यारोपण प्रक्रियाएं और भी सटीक, सुरक्षित और तेज होंगी। जयपुर अब ऑल-ऑन-फोर और इमीडिएट लोड इम्प्लांट के लिए एक प्रीमियम सेंटर के रूप में उभर चुका है।


सम्मेलन में अमेरिका के डॉ. शंकर अय्यर, पुर्तगाल के डॉ. पालो मालो, फ्रांस के डॉ. पास्कल, स्वीडन के डॉ. थॉमस और वियतनाम के डॉ. थान अन डो सहित कई अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों ने हड्डी की संरचना, इम्प्लांट डिजाइन और सर्जिकल सटीकता पर अपने शोध प्रस्तुत किए।


जयपुर के डॉ. गौरव पाल सिंह और डॉ. संकल्प मित्तल ने घोषणा की कि वे उत्तर भारत में पहली बार रोबोटिक इम्प्लांट की सुविधा शुरू करेंगे। उनका कहना था कि यह तकनीक मरीजों को न्यूनतम दर्द और शीघ्र रिकवरी का अनुभव देगी।


ओएसइकॉन-2025 में करीब 2000 प्रतिभागियों ने भाग लिया और 200 से अधिक शोध पत्र प्रस्तुत किए। विशेषज्ञों ने माना कि जयपुर अब आधुनिक दंत चिकित्सा और रोबोटिक इम्प्लांट तकनीक का नया वैश्विक केंद्र बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

Updated on:
2 Nov 2025, 9:22 AM IST
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