जयपुर

राजस्थान नई जन आवास योजना: अब एक रेट नहीं, शहर के हिसाब से तय होगी घरों की कीमत, बिल्डरों से छिन सकता है आवंटन अधिकार

राजस्थान में 'नई जन आवास योजना' का प्रस्ताव अटका हुआ है। फ्लैट और भूखंड आवंटन अधिकार तथा दर तय करने पर पेंच फंसा है। सरकार जहां निष्पक्षता के लिए पारदर्शी ऑनलाइन पोर्टल के जरिए खुद आवंटन करना चाहती है। वहीं, बिल्डर दरें बढ़ाने और अधिकार की मांग कर रहे हैं।
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Jul 30, 2026
Jan Awas Yojana Rajasthan
राजस्थान नई जन आवास योजना 2026, ऑनलाइन पोर्टल से लॉटरी प्रक्रिया होगी पूरी (फोटो पत्रिका नेटवर्क)

Jan Awas Yojana Rajasthan: जयपुर: यदि आप कम कीमत पर घर या भूखंड पाने की उम्मीद में नई जन आवास योजना का इंतजार कर रहे हैं, तो आपको अभी थोड़ा और इंतजार करना पड़ सकता है। नई जन आवास योजना का प्रस्ताव तैयार होकर सरकार तक पहुंच चुका है। लेकिन दो बड़े मुद्दों पर पूरी सहमति नहीं बनने से इसे अभी मंजूरी नहीं मिल पाई है।

सबसे बड़ा विवाद इस बात को लेकर है कि योजना के तहत बनने वाले ईडब्ल्यूएस (आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग) और एलआईजी (निम्न आय वर्ग) के फ्लैट और भूखंड आखिर आवंटित कौन करेगा। बिल्डर चाहते हैं कि आवंटन का अधिकार उनके पास ही रहे, जबकि सरकार यह जिम्मेदारी विकास प्राधिकरणों और नगरीय निकायों को देना चाहती है।

सरकार का तर्क है कि पहले कुछ आवासीय योजनाओं में शिकायतें मिली थीं कि जरूरतमंद लोगों की बजाय चहेते लोगों को सस्ते फ्लैट और भूखंड दे दिए गए। ऐसे अनुभवों को देखते हुए सरकार इस बार पूरी प्रक्रिया अपने नियंत्रण में रखना चाहती है, ताकि आवंटन पारदर्शी हो और वास्तविक जरूरतमंदों तक ही लाभ पहुंचे, इसके लिए बीच का रास्ता भी निकाला जा रहा है।

यह है दूसरा मामला

दूसरा मामला फ्लैट और भूखंडों की आवंटन दर तय करने का है। प्रदेश के अलग-अलग शहरों में जमीन की कीमतें अलग हैं। ऐसे में पूरे राजस्थान के लिए एक ही दर तय करना मुश्किल माना जा रहा है। इसलिए सरकार शहरवार आवंटन दर तय करने का फॉर्मूला तैयार कर रही है, ताकि बिल्डरों के लिए प्रोजेक्ट आर्थिक रूप से व्यावहारिक रहे।

इस तरह पूरी प्रक्रिया होगी ऑनलाइन

नई योजना में एक अलग ऑनलाइन पोर्टल बनाने की तैयारी है। इसी पोर्टल के जरिए आवेदन, पात्रता की जांच, लॉटरी और आवंटन जैसी पूरी प्रक्रिया होगी। स्वीकृत परियोजनाओं, बने हुए मकानों और उनके आवंटन का पूरा रिकॉर्ड भी ऑनलाइन उपलब्ध रहेगा।

बिल्डरों ने जताई बदलाव की जरूरत

निर्माण लागत दरः वर्तमान भुगतान दर 2248 रुपए प्रति वर्गफीट है, जिसे बढ़ाकर 3500 रुपए प्रति वर्गफीट करें और इसमें हर साल 5 प्रतिशत की बढ़ोतरी हो।

एक बीएचके की जगह दो 2 बीएचके की अनुमतिः अब लोगों की जरूरत बदल चुकी है, इसलिए फ्लैट साइज तय करने का अधिकार विकासकर्ता को मिले। वर्तमान में ईडब्ल्यूएस के लिए बीएचके का फ्लैट बनाया जाता है। जबकि, अब हर जरूरतमंद भी 2 बीएचके का फ्लैट लेता है।

योजना के कुछ महत्वपूर्ण बिंदुओं पर सभी पक्षों से सुझाव लिए गए हैं और उनका परीक्षण हो गया है। सरकार ऐसा मॉडल तैयार कर रही है, जिसमें पारदर्शिता रहे और योजना व्यावहारिक भी हो। जल्द नई जन आवास योजना जारी कर देंगे।
-झाबर सिंह खर्रा, नगरीय विकास मंत्री

Updated on:
30 Jul 2026 09:54 am
Published on:
30 Jul 2026 09:54 am