Judges Awareness Program: राजस्थान में साइबर अपराधों पर बड़ा अभियान शुरू हो गया है। हर मंगलवार 1,400 जज कक्षा 9-12 के चार लाख छात्रों को साइबर सेफ्टी पढ़ाएंगे। रालसा की पहल से 52,000 स्कूल कवर होंगे। ‘कोर्ट वाली दीदी’ बॉक्स से बच्चे गुप्त शिकायत भी कर सकेंगे।
Cyber Safety Rajasthan: जयपुर: राजस्थान में अब पॉर्न साइट, साइबर बुलिंग, मॉर्फिग और डिजिटल अरेस्ट जैसी साइबर समस्याओं पर ज्यूडिशियल अटैक होगा। 1,400 न्यायिक अधिकारी इसका मोर्चा संभालेंगे, जिसकी शुरुआत मंगलवार से हो गई है।
बता दें कि हर मंगलवार को ये जज कक्षा 9 से 12 तक के चार लाख से अधिक स्कूली बच्चों की 45 मिनट की क्लास लेंगे। साथ ही आने वाले दिनों में चरणबद्ध रूप से प्रदेश के 52,000 स्कूलों तक पहुंचेंगे।
राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (रालसा) की ओर से 'क्लिक करने से पहले सोचोः ऑनलाइन सुरक्षित रहो इंटरनेट सब कुछ याद रखता है' विषय को लेकर अभियान शुरू किया जा रहा है। प्राधिकरण के सदस्य सचिव हरि ओम शर्मा अत्री ने सोमवार को यहां विधिक सेवा सदन में मीडिया को यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि युवाओं को सशक्त बनाने के लिए विधिक साक्षरता की पहल की जा रही है। रालसा इस तरह का अभियान शुरू करने वाली देश की पहली संस्था है। न्यायिक अधिकारी हर मंगलवार को सुबह 7.30 से 9.30 बजे के बीच करीब 1,400 स्कूलों में पहुंचेंगे और हर स्कूल में करीब 200 बच्चे शामिल होंगे। इस दौरान साइबर विषयों पर जागरूकता के लिए एक पुस्तिका भी वितरित की जाएगी। इस तरह हर महीने करीब 5 हजार स्कूल कवर किए जाएंगे।
रालसा के कार्यकारी अध्यक्ष कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजीव प्रकाश शर्मा के दिशा निर्देशन में यह कार्यक्रम तैयार किया गया है। रालसा में साइबर यूनिट बनाई गई है, जिसको साइबर विषयों को लेकर टोल फ्री नंबर 15100, 9928900900 पर शिकायत की जा सकती है।
न्यायिक अधिकारी 'कोर्ट वाली दीदी' लिखा बॉक्स लेकर स्कूल जाएंगे, जिस पर महिला न्यायिक अधिकारी का फोटो लगा होगा। यह बॉक्स एक दिन स्कूल में रहेगा, जिसका ताला बंद होगा और इसमें बच्चे अपनी समस्याएं लिखकर डाल सकेंगे। इसके माध्यम से स्कूलों में बुलिंग जैसी समस्याओं का पता कर उनका समाधान किया जाएगा।