
Ashok Gehlot : राजस्थान में इस बार बारिश कम हुई है। जिस वजह से प्रदेश के कई जिलों में सूखे की स्थिति होने की आशंका जताई जा रही है। इस पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अशोक गहलोत ने सोशल मीडिया अकाउंट X पर लिखा कि प्रदेश में मानसून की वापसी के बाद जानकारी मिल रही है कि बारिश के अभाव में कई जिलों में सूखे जैसे हालात हो गए हैं। फसलें सूखने लगी हैं, चारे एवं पानी का संकट गहराने लगा है तथा ऐसे हालातों में किसान एवं पशुपालक चिंतित हैं। गिरदावरी तो हो रही है लेकिन हमें चिंता है कि यह कब पूरी होगी और कब राहत कार्य शुरू हो पाएंगे।
अशोक गहलोत ने कहा कि महाराष्ट्र का उदाहरण हमारे सामने है, वहां की सरकार ने राज्य के 75 फीसदी हिस्से को सूखा प्रभावित घोषित कर दिया है जिसके बाद राहत कार्यों को आरंभ किया जा रहा है तथा किसानों को राजस्व के मामलों में छूट मिलने लग जाएगी। महाराष्ट्र सरकार ने मौजूदा सूखे की स्थिति की निगरानी करने और राहत से जुड़े फैसलों में तेजी लाने के लिए वहां के राजस्व मंत्री की अध्यक्षता में अकाल राहत संबंधी 10 विभागों के मंत्रियों की एक उच्चस्तरीय कैबिनेट उप-समिति का गठन किया है।
उधर मानसून के विदाई की ओर पहुंचने के साथ ही प्रदेश में सूखे का सर्वे कराने की तैयारी शुरू हो गई है। राजस्व विभाग प्रदेश के 34 जिलों की 117 तहसीलों में सर्वे कराएगा, जिससे स्पष्ट होगा कि सूखे से प्रभावित क्षेत्र कौन से है और वहां क्या कदम उठाने की आवश्यकता है। आपदा राहत विभाग ने सर्वे के लिए राजस्व विभाग को पत्र लिख दिया है, जिसके आधार पर राजस्व टीम सर्वे कराएगी। बताया जा रहा है कि प्रदेश के 34 जिलों की 117 तहसीलों में सर्वे कराया जाएगा, जिससे यह सामने आ सके कि सूखे की क्या स्थिति है और कौनसे क्षेत्र अधिक प्रभावित है।
सूत्रों के अनुसार राजस्व मंडल दिशा-निर्देश पर गिरदावरी के माध्यम से सूखे की स्थिति का सर्वे कराया जाएगा। वहीं कृषि एवं आपदा राहत मंत्री डॉ. किरोड़ीलाल मीणा ने कहा कि सूखे की स्थिति जानने के लिए राजस्व विभाग को लिख दिया है। राजस्व विभाग के सर्वे के बाद रिपोर्ट आने पर ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।