जयपुर

6547 ग्राम पंचायतें TB मुक्त! राजस्थान ने केंद्र को भेजे आंकड़े, होगी आधिकारिक घोषणा

TB Free Rajasthan: राजस्थान में टीबी के खिलाफ बड़ी कामयाबी की ओर बढ़ते हुए 6,547 ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त घोषित करने का प्रस्ताव केंद्र को भेजा गया है।

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May 01, 2026
TB free Rajasthan
एआई तस्वीर

जयपुर। राजस्थान ने टीबी के खिलाफ जंग में बड़ी उपलब्धि की ओर मजबूत कदम बढ़ाया है। ग्रामीण इलाकों में चलाए गए गहन अभियान के बाद राज्य की 6,547 ग्राम पंचायतों को वर्ष 2025 के लिए ‘टीबी मुक्त’ घोषित करने का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा गया है। अब इन पंचायतों को आधिकारिक मान्यता मिलने के लिए केंद्र की अंतिम स्वीकृति का इंतजार है।

राजस्थान स्वास्थ्य विभाग के टीबी नोडल अधिकारी डॉ. पुरुषोत्तम सोनी के अनुसार, राज्य स्तर पर इन पंचायतों को टीबी मुक्त चिह्नित कर लिया गया है, लेकिन औपचारिक घोषणा केंद्र की मंजूरी के बाद ही होगी। यह उपलब्धि ग्रामीण स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच, निगरानी और जनभागीदारी के मजबूत मॉडल को दर्शाती है।

केंद्र ने छह सख्त मानक तय किए

किसी भी ग्राम पंचायत को टीबी मुक्त घोषित करने के लिए केंद्र ने छह सख्त मानक तय किए हैं, जिन पर खरा उतरना अनिवार्य होता है। इनमें प्रति 1,000 आबादी पर 30 या उससे अधिक संदिग्ध मरीजों की पहचान, जबकि पुष्ट मरीजों की संख्या 1 या उससे कम होना जरूरी है। साथ ही अधिसूचित मरीजों में कम से कम 60 प्रतिशत का दवा संवेदनशीलता परीक्षण किया जाना चाहिए।

शर्तों में यह भी शामिल

इसके अलावा कम से कम 50 प्रतिशत पात्र मरीजों को ‘निक्षय पोषण योजना’ के तहत आर्थिक सहायता मिलनी चाहिए और प्रत्येक लाभार्थी के खाते में कम से कम एक भुगतान पहुंचना आवश्यक है। ‘प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान’ के तहत 100 प्रतिशत मरीजों को पोषण किट मिलना और इलाज सफलता दर कम से कम 85 प्रतिशत होना भी अनिवार्य शर्तों में शामिल है।

अधिकारियों का कहना है कि ये मानदंड केवल टीबी की पहचान तक सीमित नहीं हैं, बल्कि सही जांच, पोषण सहयोग और इलाज पूरा होने तक की पूरी प्रक्रिया पर फोकस करते हैं। ‘निक्षय मित्र’ पहल ने ग्रामीण क्षेत्रों में मरीजों को पोषण और सामाजिक सहयोग देने में अहम भूमिका निभाई है। राजस्थान जैसे बड़े और भौगोलिक रूप से विविध राज्य में टीबी नियंत्रण एक चुनौती रहा है। ऐसे में 6,547 पंचायतों का इस स्तर तक पहुंचना जमीनी स्तर पर बेहतर समन्वय और प्रभावी रणनीति का संकेत है। केंद्र की मंजूरी के बाद ये पंचायतें अन्य क्षेत्रों के लिए उदाहरण बनेंगी और राज्य को ‘टीबी मुक्त’ बनाने के लक्ष्य को और मजबूती मिलेगी।

Published on:
01 May 2026 04:21 pm