जयपुर

राजस्थान मिड डे मील घोटाला: कोविड काल में 2000 करोड़ की हेराफेरी, ACB ने कॉनफैड समेत 21 आरोपियों पर दर्ज किया केस

Rajasthan Mid Day Meal Scam: भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो राजस्थान ने इस मामले में कॉनफैडके अधिकारियों, निजी फर्मों और अन्य संबंधित व्यक्तियों सहित कुल 21 नामजद आरोपियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया है।

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Jan 08, 2026
Patrika File Photo

ACB News: राजस्थान में कोविड.19 महामारी के दौरान संचालित राज्य मिड डे मील योजना में करीब 2000 करोड़ रुपये से अधिक के बड़े घोटाले का खुलासा हुआ है। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो राजस्थान ने इस मामले में कॉनफैडके अधिकारियों, निजी फर्मों और अन्य संबंधित व्यक्तियों सहित कुल 21 नामजद आरोपियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया है। यह कार्रवाई योजना में भारी अनियमितताओं और भ्रष्टाचार की शिकायतों के बाद की गई है।

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कोरोना में जब स्कूल बंद थे तब भी कर रहे थे कागजों में सप्लाई, खूब माल बटोरा

एसीबी के अनुसार, कोविड काल में जब स्कूल बंद थे, तब राज्य सरकार ने स्कूली विद्यार्थियों को खाद्यान्न उपलब्ध कराने के लिए मिड डे मील योजना के तहत दाल, तेल, मसाले आदि से युक्त कॉम्बो पैक की आपूर्ति करवाई थी। यह आपूर्ति कॉनफैड के माध्यम से की गई और दावा किया गया कि सामग्री एफएसएसएआई और एगमार्क मानकों के अनुरूप है तथा स्कूलों तक डोर.स्टेप डिलीवरी की गई। हालांकि जांच में सामने आया कि इस पूरी प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताएं बरती गईं।

अपने हिसाब से बदल लिए नियम, खुद को लाभ पहुंचाते गए

एसीबी की प्राथमिक और विस्तृत जांच में यह तथ्य उजागर हुआ कि मिड डे मील योजना से जुड़े अधिकारियों और कॉनफैड के अधिकारियों ने आपसी मिलीभगत से नियमों में मनमाने बदलाव किए। इसके चलते पात्र और योग्य फर्मों को टेंडर प्रक्रिया से बाहर कर दिया गया और चहेती फर्मों को अनुचित लाभ पहुंचाते हुए टेंडर आवंटित किए गए। इसके बाद इन फर्मों ने अवैध रूप से अन्य संस्थाओं को काम सबलेट कर दिया, जिससे फर्जी आपूर्तिकर्ताओं और ट्रांसपोर्टरों का एक संगठित नेटवर्क खड़ा हो गया।

फर्जी बिल तैयार करते रहे, जबकि माल की सप्लाई ही नहीं हुई

जांच में यह भी सामने आया कि कई मामलों में वास्तविक रूप से माल की खरीद और आपूर्ति किए बिना ही अधिक दरों पर फर्जी बिल तैयार किए गए। इन्हीं फर्जी बिलों के आधार पर सरकारी भुगतान उठा लिया गया। इस सुनियोजित धोखाधड़ी, कूटरचना और सांठगांठ के जरिए राज्य सरकार के राजकोष को करीब 2000 करोड़ रुपये का सीधा वित्तीय नुकसान पहुंचाया गया।

अब 21 नामजद आरोपियों पर केस दर्ज

इस प्रकरण में कॉनफैड के सहायक लेखाधिकारी, प्रबंधक, सहायक प्रबंधक, गोदाम कीपर, सुपरवाइजर सहित कई अधिकारी, केंद्रीय भंडार के क्षेत्रीय और डिप्टी मैनेजर, साथ ही तिरूपति सप्लायर्स, जागृत एंटरप्राइजेज, एमटी एंटरप्राइजेज और साई ट्रेडिंग सहित कई निजी फर्मों के मालिकों को आरोपी बनाया गया है। एसीबी ने बताया कि मामले में आरोपियों की भूमिका, वित्तीय लेन-देन, दस्तावेजों की कूटरचना और सरकारी धन के दुरुपयोग से जुड़े सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है।

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Updated on:
08 Jan 2026 03:04 pm
Published on:
08 Jan 2026 09:52 am
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