जयपुर

राजस्थान में इस बार एक महीने देरी से दक्षिण पश्चिमी मानसून की एंट्री! मुंबई से भी 300 किमी दूर अटका

Southwest Monsoon Rajasthan: राजस्थान में इस बार दक्षिण-पश्चिम मानसून का प्रवेश करीब एक महीने देरी से होने की आशंका है। अल नीनो के कारण मानसून की आगे बढ़ने की रफ्तार धीमी पड़ गई है।

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Jun 22, 2026
Rajasthan Monsoon 2026
राजस्थान में 24 जून से मौसम शुष्क रहने और पारे में बढ़ोतरी का पूर्वानुमान, पत्रिका फोटो

IMD Monsoon 2026 Update: राजस्थान में इस बार दक्षिण पश्चिमी मानसून को लेकर नया अपडेट सामने आ रहा है। बीते 10 वर्ष में तय वक्त या उसके आसपास ही प्रदेश में मानसून का प्रवेश हुआ, लेकिन अलनीनो सक्रिय होने पर इस बार करीब एक महीने देरी से मानसून का प्रवेश होने की आशंका है।

आइएमडी के अनुसार अलनीनो के असर से अनुकूल परिस्थितियां नहीं बनने पर अब तक मानसून मुंबई से ही करीब 300 किमी दूर ठहरा हुआ है और आगामी दिनों में मानसून के आगे बढ़ने की रफ्तार भी सामान्य से धीमी रहने की आशंका है। जिसके प्रभाव से राजस्थान में जुलाई से सितंबर के मध्य मानसून सीजन में सामान्य से कम बारिश की आशंका को लेकर मौसम केंद्र दिल्ली पूर्व में घोषणा कर चुका है।

अल-नीनो बन रहा विलेन

आइएमडी के अनुसार आइएमडी ने इस वर्ष राजस्थान में मानसून की एंट्री में देरी और कम बारिश की आशंका लेकर अल-नीनो इफेक्ट को जिम्मेदार बताया है। अल-नीनो के प्रभाव से अगले एक पखवाड़े में प्रदेश में गर्मी के तेवर तीखे रहने काि पूर्वानुमान है। आइएमडी के अनुसार इस साल जून के आगामी दिनों में अल नीनो की तटस्थ स्थिति बन रही हैं। जुलाई माह में भी अल-नीनो मजबूत बने रहने पर दक्षिण-पश्चिम मानसून की सक्रियता कम रहने और कम बारिश होने की आशंका है।

मौसम विज्ञान विभाग दिल्ली (आइएमडी) के प्रमुख मृत्युंजया मोहपात्र के अनुसार जून से सितंबर के बीच होने वाली कुल मानसूनी बारिश दीर्घकालीन औसत (एलपीए) का करीब 92 प्रतिशत यानी सामान्य से कम रहने का अनुमान है। एलपीए के 90-95% के बीच वर्षा को सामान्य से कम माना जाता है।

क्या है अल नीनो

अल नीनो प्रशांत महासागर में उत्पन्न होने वाली एक प्राकृतिक जलवायु घटना है। अलनीनो सक्रिय होने पर भारतीय उपमहाद्वीप में हवा का दबाव बदलने से मानसूनी हवाएं कमजोर पड़ जाती हैं। इसके दुष्प्रभाव से प्रभावित इलाकों में सामान्य से कम बारिश होने और सूखे के खतरे की आशंका बन जाती है।

राजस्थान में पिछले 10 वर्ष में मानसून की एंट्री

  • वर्ष 2016- 22 जून को मानसून की दस्तक हुई।
  • 2017- 15 जून को मानसून का प्रवेश
  • 2018- 26 जून को मानसून का प्रवेश
  • 2019- 02 जुलाई को मानसून की एंट्री
  • 2020- 24 जून मानसून का प्रवेश
  • 2021- 18 जून के आसपास मानसून ने राजस्थान में प्रवेश किया था।
  • 2022- मानसून देरी से 30 जून को पहुंचा।
  • 2023- 25 जून को मानसून ने राज्य में प्रवेश किया।
  • 2024- मानसून ने 25 जून के आसपास सामान्य समय पर दस्तक दी।
  • 2025- मानसून 18 जून को तय समय से पहले सक्रिय हुआ।

फसलों को नुकसान की आशंका

मानसून के आगमन में देरी और कम बारिश की आशंका ने प्रदेश में किसानों की चिंता बढ़ा दी है। मानसून देरी से आने पर खरीफ की फसलों की बुवाई आदि पर असर पड़ने से पैदावार कम होने की आशंका है। कमजोर मानसून से खरीफ फसलों का रकबा और उत्पादन भी घटने की संभावना है।

पिछले वर्षों में राजस्थान में दक्षिण-पश्चिम मानसून के दौरान वर्षा

वर्षवास्तविक वर्षा (मिमी)सामान्य वर्षा (मिमी)सामान्य से विचलन (%)
2010539.5419+28
2011590.4419+41
2012464.0419+11
2013527.2419+26
2014420.44190
2015457.0419+9
2016536.4419+28
2017454.9419+9
2018393.3419-6
2019583.6415+41
2020449.8415+8

24 जून के बाद मौसम शुष्क, बढ़ेगा पारा

मौसम विभाग के अनुसार आगामी 24 जून के बाद प्रदेश में पश्चिमी विक्षोभ सुस्त पड़ने पर ​मौसम शुष्क रहने और दिन व रात के तापमान में बढ़ोतरी होने की आशंका है। आगामी दिनों में गर्मी के तेवर फिर से तीखे होने का पूर्वानुमान है।

Published on:
22 Jun 2026 12:43 pm