
जयपुर। राजस्थान में मानसून की पूरी तरह विदाई अभी नहीं हुई है, लेकिन प्रदेश में गर्मी ने अचानक जोर पकड़ लिया है। बुधवार को राज्य के कई जिलों में अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया। पश्चिमी राजस्थान में तेज गर्म हवाओं के कारण तापमान सामान्य से करीब 5 डिग्री तक अधिक दर्ज किया गया। बाड़मेर, जैसलमेर, जोधपुर और बीकानेर में गर्मी का असर सबसे ज्यादा रहा।
बाड़मेर में बुधवार को अधिकतम तापमान 42.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। यह सितंबर महीने में पिछले 10 वर्षों के दौरान दर्ज सबसे अधिक तापमान बताया गया है। जोधपुर में तापमान 40.6 डिग्री सेल्सियस रहा, जो वर्ष 2016 के बाद सितंबर में सर्वाधिक है। वहीं उदयपुर में अधिकतम तापमान 36 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ, जो वर्ष 2017 के बाद का सबसे अधिक तापमान है।
जयपुर में सूर्यदेव के तीखे तेवरों से लोगों का गर्मी के मारे बुरा हाल है। सड़कों पर जहां सन्नाटा पसरा है। वहीं सितंबर में भी घरों में एसी व कूलर चलने का सिलसिला जारी है। लोग घरों से बाहर निकलने से बच रहे हैं।
मौसम विभाग के अनुसार राजस्थान के उत्तर-पश्चिमी हिस्सों से मानसून की वापसी शुरू हो चुकी है। इसी बीच प्रदेश में मजबूत पश्चिमी हवाएं चल रही हैं। इन हवाओं के कारण पश्चिमी राजस्थान में तापमान तेजी से बढ़ा है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार बंगाल की खाड़ी में बना मजबूत डिप्रेशन सिस्टम भी पश्चिमी हवाओं के कारण राजस्थान तक प्रभावी रूप से नहीं पहुंच पा रहा है। इसका असर फिलहाल मध्य प्रदेश के पश्चिमी हिस्सों तक रहने की संभावना है। मौसम विभाग ने अगले 3-4 दिन तक राजस्थान में इसी तरह गर्म और शुष्क मौसम रहने का अनुमान जताया है। पश्चिमी जिलों के साथ पूर्वी राजस्थान में भी दिन के समय तेज गर्मी रहने की संभावना है।
अक्टूबर की शुरुआत में भी राजस्थान में मौसम मुख्यतः शुष्क रहने के संकेत हैं। आगे पश्चिमी विक्षोभों की गतिविधि बढ़ने पर मौसम में बदलाव हो सकता है। फिलहाल प्रदेश में मानसून की विदाई के साथ बारिश से राहत और दिन के तापमान में बढ़ोतरी का दौर जारी रहने की संभावना है।