राजस्थान के अंदर होने वाले नगर निकाय चुनाव की तारीखों को लेकर बड़ी जानकारी सामने आई है। राज्य निर्वाचन आयुक्त ने 24 मार्च से विशेष पुनरीक्षण कार्यक्रम शुरू करने के निर्देश दिए हैं। हालांकि, अब 15 अप्रेल के अंदर चुनाव होते नहीं दिख रहा है।
जयपुर। राज्य के नगरीय निकायों में प्रस्तावित आम चुनाव 2026 को ध्यान में रखते हुए राज्य निर्वाचन आयोग ने तैयारियों को गति दे दी है। राज्य निर्वाचन आयुक्त राजेश्वर सिंह ने जानकारी दी कि सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को 24 मार्च से मतदाता सूचियों के विशेष पुनरीक्षण कार्यक्रम की शुरुआत करने के निर्देश जारी किए गए हैं। आयोग ने स्पष्ट किया है कि 1 जनवरी 2026 को अर्हता तिथि मानते हुए मतदाता सूचियों का पुनरीक्षण किया जाएगा।
आयुक्त ने बताया कि पूर्व में प्रकाशित विधानसभा मतदाता सूचियों को आधार बनाकर नगरीय निकायों की वार्डवार मतदाता सूचियां तैयार की जाएंगी। इसके तहत सूचियों का अद्यतन, दावे और आपत्तियों का निस्तारण तथा अंतिम प्रकाशन निर्धारित समय-सारिणी के अनुसार किया जाएगा। साथ ही वार्ड गठन, मतदान भागों का निर्धारण और आवश्यकतानुसार पुनर्संयोजन कर मतदाता सूची को संतुलित एवं सुव्यवस्थित बनाया जाएगा।
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार प्रपत्र-ए तैयार करने की अंतिम तिथि 9 मार्च रखी गई है। ई-सूची अपलोड 11 मार्च तक, प्रोसेस पूर्ण 13 मार्च तक, चेकलिस्ट डाउनलोड 14 मार्च, सत्यापन 16 मार्च और फ्रीजिंग 19 मार्च को की जाएगी। प्रारूप मतदाता सूची 22 मार्च को अपलोड की जाएगी। इसके बाद 24 मार्च 2026 को निर्वाचक नामावलियों का प्रारूप प्रकाशन किया जाएगा।
25 मार्च को वार्डों एवं मतदान केंद्रों पर नामावलियों का पठन किया जाएगा। दावे और आपत्तियां प्रस्तुत करने की अंतिम तिथि 7 अप्रेल 2026 निर्धारित की गई है। इसके लिए 29 मार्च और 5 अप्रेल को विशेष अभियान चलाया जाएगा। दावों के निस्तारण की अंतिम तिथि 15 अप्रेल तथा पूरक सूचियों की तैयारी 20 अप्रेल तक पूर्ण की जाएगी। अंतिम निर्वाचक नामावली का प्रकाशन 22 अप्रेल 2026 को किया जाएगा।
आयुक्त ने बताया कि 1 जनवरी 2026 तक 18 वर्ष की आयु पूर्ण करने वाले नागरिक मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के पात्र होंगे। आयोग ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि पूरी प्रक्रिया पारदर्शिता और सावधानी से संपन्न की जाए, ताकि कोई भी पात्र मतदाता वंचित न रहे और अपात्र व्यक्ति सूची में शामिल न हो।
राज्य निर्वाचन आयुक्त की तरफ मतदाता सूची तैयार करने का जो कार्यक्रम जारी किया गया है, इसके मुताबिक 22 अप्रेल को मतदाता सूची की प्रक्रिया पूरी हो पाएगी। ऐसे में 15 अप्रेल से पहले चुनाव कराने के हाईकोर्ट के जारी आदेश का पालन होना संभव नहीं दिख रहा है। जानकारों का मानना है कि अब चुनाव अप्रेल महीने के बाद ही संभव हो पाएंगे।