उत्तर-पश्चिमी रेलवे (NWR) के जयपुर मंडल के लिए यह गर्व का क्षण है। जहाँ एक ओर रेलवे कर्मचारी पटरियों पर रफ्तार और सुरक्षा सुनिश्चित करते हैं, वहीं दूसरी ओर जयपुर के तीन जांबाज अधिकारियों ने हिमालय की दुर्गम चोटियों पर विजय प्राप्त कर राजस्थान का मान बढ़ाया है।
जयपुर। राजस्थान की राजधानी जयपुर के नाम एक और गौरवशाली उपलब्धि जुड़ गई है। उत्तर-पश्चिमी रेलवे के जयपुर मंडल के तीन वरिष्ठ रेल अधिकारियों ने उत्तराखंड स्थित हिमालय की चुनौतीपूर्ण पांगारचुला (Pangarchulla) चोटी पर सफलतापूर्वक फतह हासिल की है। लगभग 15,069 फीट की ऊंचाई पर स्थित इस शिखर पर तिरंगा फहराकर इन जांबाजों ने साबित कर दिया कि रेलवे के अधिकारी केवल प्रशासनिक कार्यों में ही नहीं, बल्कि साहसिक अभियानों में भी अग्रणी हैं।
जयपुर मंडल के वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त ओंकार सिंह ने इस गौरवशाली अभियान की जानकारी साझा की। डीआरएम (DRM) रवि जैन के कुशल निर्देशन और प्रोत्साहन के साथ इस टीम ने हिमालय की चढ़ाई शुरू की थी। इस सफल आरोहण दल में शामिल अधिकारी हैं:
उत्तराखंड के चमोली जिले में स्थित पांगारचुला शिखर अपनी खड़ी चढ़ाई और बर्फ से ढके संकरे रास्तों के लिए पर्वतारोहियों के बीच जाना जाता है।
यह केवल एक ट्रेकिंग अभियान नहीं था, बल्कि भारतीय रेलवे के अधिकारियों की शारीरिक दक्षता और मानसिक दृढ़ता का प्रमाण था। डीआरएम रवि जैन ने टीम को बधाई देते हुए कहा कि ऐसी गतिविधियाँ अधिकारियों में नेतृत्व क्षमता (Leadership), अनुशासन और साहसिकता की भावना पैदा करती हैं। जयपुर मंडल के अन्य रेलकर्मियों के लिए भी यह एक बड़ी प्रेरणा है।
राजस्थान के रेतीले धोरों से निकलकर हिमालय की बर्फीली चोटियों तक का यह सफर जयपुर मंडल की कार्यक्षमता को दर्शाता है। जब ये अधिकारी शिखर पर पहुंचे और तिरंगा लहराया, तो वह दृश्य न केवल रेलवे बल्कि पूरे राजस्थान के लिए गौरवमयी था। सोशल मीडिया पर भी इन अधिकारियों की तस्वीरें और सफलता की कहानी वायरल हो रही है, जिसे लोग 'रियल लाइफ हीरोज' की संज्ञा दे रहे हैं।