
जयपुर। राजस्थान के 309 नगरीय निकायों के चुनाव परिणाम से आज शहरी मतदाताओं का सियासी मिजाज पता चलेगा। 38,889 उम्मीदवारों की हार-जीत के साथ 10 नगर, 47 नगर परिषद और 252 नगर पालिकाओं में बोर्ड गठन की तस्वीर साफ होगी। प्रत्याशियों में भाजपा के 9,290, कांग्रेस के 9,027 और 18,732 निर्दलीय (अन्य दलों में आरएलपी 948, आप 311, बसपा 298, माकपा 185 और बीएपी 98 उम्मीदवार) शामिल हैं। इसके साथ ही भाजपा-कांग्रेस समेत अन्य दलों और निर्दलीयों में बोर्ड बनाने के लिए जोड़तोड़ शुरू होगी। मतगणना सुबह 8 बजे शुरू होगी और संभवतः दोपहर तक सभी के परिणाम सामने आ जाएंगे।
चुनाव 9 और 11 सितंबर को दो चरणों में हुए, लेकिन सभी निकायों की मतगणना एक साथ होगी। अधिकांश जगह निकाय मुख्यालयों पर मतगणना होगी, जबकि बीकानेर में जिला मुख्यालय पर वोटों की गिनती होगी। दोनों चरणों में कुल 73.56 फीसदी मतदान हुआ, जो पिछले निकाय चुनावों के मुकाबले 3 फीसदी से ज्यादा है। 38,889 प्रत्याशियों में भाजपा के 9,290, कांग्रेस के 9,027 और निर्दलीय 18,732 हैं। शेष प्रत्याशी अन्य दलों से हैं।
मतगणना से एक दिन पहले राज्य निर्वाचन आयोग के पास मतगणना में लगाए कर्मचारियों और सुरक्षाकर्मियों की संख्या का आंकड़ा नहीं था। किस निकाय में कितने राउंड में मतगणना होगी। आयुक्त राजेश्वर सिंह ने कहा कि आयोग इस तरह की जानकारी पहले से नहीं लेता। जब उन्हें बताया गया कि भारत निर्वाचन आयोग के पास मतगणना से पहले विस्तृत जानकारी रहती है, तो उन्होंने कहा कि राज्य आयोग की प्रक्रिया में मतगणना से पहले ऐसी जानकारी लेने का प्रावधान नहीं है।
राज्य निर्वाचन आयोग ने मतगणना के परिणाम और अपडेट की जानकारी वेबसाइट पर उपलब्ध कराने की व्यवस्था की है। परिणाम जारी होने के साथ ही शहरवार और निकायवार स्थिति सामने आती जाएगी।
इस बार बोर्ड गठन के लिए समय कम होगा, लेकिन राजनीतिक जोड़तोड़ की गुंजाइश बनी रहेगी। भाजपा के सामने सत्ता में रहते पिछली बार के कांग्रेस प्रदर्शन को पलटने की चुनौती है। कांग्रेस के सामने यह साबित करने की चुनौती है कि सत्ता बदलने के बावजूद उसका जनाधार बरकरार है।
प्रदेश में पहली बार 'वन स्टेट-वन इलेक्शन' की तर्ज पर 309 नगरीय निकायों के चुनाव का एक साथ फैसला होने जा रहा है। अब तक चुनाव अलग-अलग चरणों में होते थे और पूरी प्रक्रिया सालभर से ज्यादा चलती थी। सोमवार को आने वाले नतीजे तय करेंगे कि पुराना राजनीतिक पैटर्न कायम रहता है या एक साथ हुए चुनाव में सत्ता का असर कुछ कमजोर पड़ता है। रविवार को भाजपा-कांग्रेस के वरिष्ठ नेता इसी गुणाभाग में जुटे रहे।
भाजपा नेता 200 से ज्यादा निकायों में बोर्ड बनाने का दावा कर रहे हैं, वहीं कांग्रेस ने संख्या नहीं बताई, लेकिन उसे जनता से बड़ी उम्मीदें हैं। 2019-21 में 196 निकायों के चुनाव पांच चरणों में हुए थे। उस समय प्रदेश में कांग्रेस की सरकार थी। 7500 वार्डों के परिणाम में कांग्रेस ने 3036 और भाजपा ने 2676 वार्ड जीते। निर्दलीयों व अन्य दलों को 1788 वार्ड मिले। इसके बाद राजनीतिक जोड़तोड़ का असर भी दिखा। कांग्रेस ने 196 में से 125 निकायों में बोर्ड बनाए, जबकि भाजपा 64 पर रुक गई। सात निकायों में निर्दलीय व अन्य दल बोर्ड बनाने में सफल रहे।
| चरण/माह | निकाय | पार्षद | पार्षद | अन्य | बोर्ड | बोर्ड | अन्य बोर्ड |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| नवंबर 2019 | 49 | 961 | 737 | 407 | 35 | 13 | 01 |
| नवंबर 2020 | 06 | 261 | 242 | 57 | 04 | 02 | 00 |
| दिसंबर 2020 | 50 | 620 | 548 | 607 | 36 | 12 | 02 |
| जनवरी 2021 | 90 | 1,194 | 1,147 | 694 | 50 | 37 | 03 |
| फरवरी 2021 | 01 | 00 | 02 | 23 | 00 | 00 | 01 |
| कुल | 196 | 3,036 | 2,676 | 1,788 | 125 | 64 | 07 |