
Rajasthan Municipal Elections 2026: जयपुर. राजस्थान के नगरीय निकाय चुनाव में सोमवार, 21 सितंबर को वह दिन है, जब पार्षदों के जरिए शहरों की नई सरकार का चेहरा सामने आएगा। प्रदेश के 273 नगरीय निकायों में महापौर, सभापति और अध्यक्ष पद के लिए सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक मतदान हो रहा है। मतदान समाप्त होते ही मतगणना शुरू होगी और दोपहर बाद एक-एक कर परिणाम सामने आने लगेंगे।
आज के चुनाव में पांच नगर निगमों—अजमेर, बीकानेर, उदयपुर, अलवर और पाली—में महापौर चुना जाना है। इसके अलावा नगर परिषदों और नगर पालिकाओं में सभापति एवं अध्यक्ष पद के लिए पार्षद मतदान कर रहे हैं। 32 निकायों में अध्यक्ष पद का निर्वाचन पहले ही निर्विरोध हो चुका है, जबकि जयपुर, जोधपुर और कोटा नगर निगमों सहित कुछ निकायों में अलग कार्यक्रम के कारण चुनाव 25 सितंबर को होगा।
मतदान खत्म होने के बाद सबसे ज्यादा नजर क्रॉस वोटिंग और निर्दलीय पार्षदों के रुख पर रहेगी। जिन निकायों में भाजपा या कांग्रेस को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला है, वहां एक-एक पार्षद का वोट परिणाम बदल सकता है। चुनाव से पहले कई जगह पार्षदों की बाड़ेबंदी की गई थी। अब मतगणना के बाद राजनीतिक दल यह आकलन करेंगे कि उनके पक्ष में कितने पार्षदों ने मतदान किया और किन स्थानों पर अपेक्षित वोट ट्रांसफर नहीं हुए।
यही वजह है कि दोपहर 2 बजे मतदान खत्म होने के बाद अगला एक घंटा बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मतगणना शुरू होते ही परिणाम आने लगेंगे और करीब 3 बजे तक लगभग सभी निकायों में तस्वीर काफी हद तक साफ हो जाएगी। जबकि सभी जगह अंतिम परिणाम आने में स्थानीय प्रक्रिया के अनुसार समय लग सकता है।
निकाय प्रमुखों के नाम सामने आने के बाद राजनीतिक दलों के भीतर सबसे बड़ा सवाल यही रहेगा कि पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी को कितने वोट मिले और पार्टी के पार्षदों का वोट किस ओर गया। जहां परिणाम पार्टी के घोषित संख्या बल से अलग होंगे, वहां क्रॉस वोटिंग की चर्चा तेज होना तय है। हालांकि केवल परिणाम के आधार पर किसी पार्षद के क्रॉस वोटिंग करने का निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता।
निकाय प्रमुखों के चुनाव के तुरंत बाद राजनीतिक गतिविधियों का अगला चरण शुरू होगा। 22 सितंबर को उपमहापौर, उपसभापति और उपाध्यक्ष पदों के लिए निर्वाचन होना है। ऐसे में आज के परिणाम के बाद ही इन पदों के लिए दावेदारों और संभावित नामों को लेकर बैठकों का दौर तेज होगा।
इस तरह सोमवार दोपहर तक जहां पार्षद मतदान करेंगे, वहीं दोपहर 2 बजे के बाद मतगणना के साथ राजस्थान के शहरों की नई राजनीतिक तस्वीर सामने आनी शुरू होगी। परिणामों के बाद क्रॉस वोटिंग, निर्दलीय पार्षदों की भूमिका, बाड़ेबंदी और उपमहापौर-उपाध्यक्ष पदों के समीकरण अगले 24 घंटे की सबसे बड़ी राजनीतिक चर्चा बनेंगे।